सांकेतिक चित्र
मध्य प्रदेश के श्योपुर से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। दरअसल, पुलिस ने एक संपन्न परिवार से जुड़े दंपती को गोद ली हुई बच्ची को हाईवे पर छोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उन्होंने अपनी ही गोद ली बच्ची को मनहूस मानते हुए सड़क पर छोड़ दिया। इस दौरान बेचारी मासूम बच्ची सड़क पर रोती-बिलखती रही।
जानकारी के अनुसार, यह घटना 18 अप्रैल की बताई जा रही है। दंपति ने बच्ची को गोद लेने के बाद कारोबार में नुकसान व उससे उपजे अंधविश्वास के कारण ने उसे 400 किमी दूर श्योपुर के टोंक-चिरगांव नेशनल हाईवे पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने बच्ची की तस्वीर सोशल मीडिया में डाली और इस बीच भोपाल की एक महिला ने बच्ची को पहचान लिया।
उसकी निशानदेही पर पुलिस सक्रिय हुई और 23 अप्रैल को भोपाल से आकाश, कृतिका मूंदड़ा को गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ हुई तो सारा भेद खुल गया। बताया जा रहा है, कि राजगढ़ के आकाश मूंदड़ा ने पहली पत्नी को तलाक देकर कृतिका से शादी की थी।
पुलिस के अनुसार, भोपाल का एक दंपति कुछ महीनों पहले इस बच्ची को अपने साथ लेकर आया था। आशंका है, कि बच्ची को गोद लिया गया था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आरोपी पति-पत्नी इस मासूम को 3 महीने की उम्र में अपने साथ लाए थे। दंपति को लगता था, कि बच्ची को गोद लेने के बाद से ही उनका कारोबार ठीक नहीं चल रहा था।
इसे लेकर दंपति के मन में अंधविश्वास पनप गया गया, कि बच्ची को गोद लेने की वजह से ऐसा हो रहा है। जांच में पता चला, कि दंपति मासूम के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करते थे। इसके अलावा उनका पांच वर्षीय बेटा भी मासूम के साथ मारपीट करता था। इस दौरान आसपास के पड़ोसियों द्वारा बच्ची को बचाने जाने पर उनको भगा दिया जाता था।
इसके बाद दंपति राजगढ़ से राजस्थान स्थित बाबा खाटू श्याम और मेहंदीपुर बालाजी की धार्मिक यात्रा के लिए कार से बच्ची के साथ निकले। रास्ते में श्योपुर के पास बच्ची को हाईवे पर छोड़ दिया। लावारिस हालत में भटक रही बच्ची पर पास के ईंट-भट्टे पर काम कर रहे एक मजदूर की नजर पड़ी। उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को अपने संरक्षण में लिया।
फिलहाल पुलिस दंपति से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है, कि बच्ची को कहां से लाया गया और उसे इतनी दूर छोड़ने के पीछे क्या मकसद था। श्योपुर पुलिस ने दंपति से बच्ची को गोद लिए जाने के दस्तावेज मांगे, तो वह दस्तावेज नहीं दिखा सके। पुलिस अब असल मां-बाप की जानकारी हासिल करने में जुट गई है।
पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर 3 दिनों की रिमांड पर हिरासत में लिया है। जहां विभिन्न पहलुओं पर बारीकी से पूछताछ की जाएगी। साथ ही पुलिस इस मामले में मानव तस्करी के एंगल से भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है, कि दंपती करोड़पति है। उनके कई कारोबार के अलावा 10 पेट्रोल पंप भी हैं।
