भारतीय शूटिंग के दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा (फोटो साभार: NDTV)
भारत के दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा का आज शुक्रवार 12 जून की सुबह दिल्ली में दिल से संबंधित बीमारी के कारण निधन हो गया। बता दें, कि तीन दिन पहले हार्ट अटैक के बाद उनको साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जसपाल राणा 49 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, “जसपाल राणा जी के निधन से हम अत्यंत दुखी हैं। उनका निधन भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने निशानेबाजी में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश को अपार गौरव दिलाया।”
Deeply saddened by the passing of Shri Jaspal Rana Ji. His passing is a profound loss to the world of Indian sports.
He brought immense glory to the nation through his extraordinary achievements in shooting. Equally remarkable was his contribution as a mentor, shaping and…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 12, 2026
पीएम मोदी ने कहा, “एक मार्गदर्शक के रूप में उनका योगदान भी उतना ही उल्लेखनीय था, जिसमें उन्होंने युवा खिलाड़ियों को अत्यंत समर्पण के साथ आकार दिया और दिशा-निर्देशन दिया। उत्कृष्टता, अनुशासन और खेल जगत के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने उन्हें अपार प्रशंसा दिलाई। दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और संपूर्ण खेल जगत के साथ हैं।”
बताया जा रहा है, कि जर्मनी से लौटने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के मुताबिक, जसपाल राणा को तीन दिन पहले एक्यूट हार्ट अटैक आया था। वह ट्रैवल कर रहे थे और हॉस्पिटल पहुंचने से पहले उन्हें सीने में दर्द हो रहा था। उनके हार्ट का पंपिंग फंक्शन बहुत कमजोर हो गया था और उनका हार्ट फेलियर हो गया था।
गौरतलब है, कि उत्तराखंड स्थित उत्तरकाशी में जन्में जसपाल राणा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 15 पदक जीतकर भारत के सबसे सफल एथलीटों में अपनी जगह बनाई। एशियन गेम्स और ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद उन्होंने कोचिंग के जरिए नई पीढ़ी को तैयार किया। जसपाल राणा को अर्जुन पुरस्कार, पद्मश्री और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
जसपाल राणा, जो ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर के कोच के रूप में भी जाने जाते थे, अपनी असाधारण प्रतिभा, निशानेबाजी के प्रति जुनून और समर्पण के लिए विख्यात थे। जसपाल राणा का जन्म 28 जून 1976 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के मूल गांव चिलामू में हुआ था। निशानेबाजी का हुनर उन्हें विरासत में मिला था।
उनके पिता नारायण सिंह राणा अपने समय के प्रसिद्ध निशानेबाज रहे और उन्होंने ही जसपाल को इस खेल की शुरुआती बारीकियां सिखाईं। कम उम्र में ही जसपाल ने अपनी प्रतिभा का परिचय देना शुरू कर दिया था और जल्द ही राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने लगे।
