भारत की परमाणु नीति में बड़ा बदलाव, (फोटो साभार: दैनिक जागरण) AI द्वारा तैयार चित्र
भारत लगातार अपनी सामरिक और रक्षा क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। साथ ही भारत अब रक्षात्मक मुद्रा से बाहर निकलकर सीधे ‘अटैकिंग मोड’ में आ चुका है। दरअसल, दुनिया की प्रतिष्ठित संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट में भारत की बढ़ती परमाणु शक्ति को लेकर अहम खुलासे हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के परमाणु कार्यक्रम में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। अनुमान है, कि देश के कुल परमाणु हथियारों की संख्या बढ़कर 190 हो गई है और पहली बार कुछ हथियारों को परिचालन स्तर पर तैनात श्रेणी में रखा गया है। रिपोर्ट में समुद्र आधारित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के विस्तार और परमाणु-संचालित पनडुब्बियों की बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पहली बार शांतिकाल में 12 परमाणु हथियारों को तैनात किया है। यह कदम भारत की परमाणु नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत माना जा रहा है। इससे साफ संकेत मिलता है, कि भारत अब केवल परमाणु हथियारों का भंडार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी त्वरित तैनाती की क्षमता भी मजबूत कर रहा है।
BIG BREAKING: Marking a significant shift in nuclear weapons policy, India has for the first time "deployed" 12 NUCLEAR WARHEADS.
The revelation has been made in the latest report of the Stockholm International Peace Research Institute (SIPRI). pic.twitter.com/GrQmEl0bpN
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) June 9, 2026
वैश्विक महायुद्ध और बारूद के मुहाने पर खड़ी दुनिया के बीच भारत ने अपनी सैन्य संप्रभुता और अचूक मारक क्षमता का ऐसा आक्रामक प्रदर्शन किया है, जिससे दुश्मनों के खेमे में हड़कंप मच गया है। यह बदलाव भारत के न्यूक्लियर ट्रायड यानी हवाई, जमीन और समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम है। भारत मिसाइलों को कैनिस्टर और समुद्री डिटरेंस पेट्रोलिंग जैसे फैसले भी ले रहा है।
रिपोर्ट में भारत के व्यापक परमाणु आधुनिकीकरण कार्यक्रम का भी जिक्र किया गया है। सिप्री ने कहा, “माना जाता है कि भारत ने 2025 में एक बार फिर अपने परमाणु भंडार में मामूली वृद्धि की है और नए प्रकार की परमाणु हथियार प्रक्षेपण प्रणालियों के विकास को जारी रखा है। इनका मुख्य उद्देश्य परमाणु हमले की स्थिति में विश्वसनीय जवाबी हमला करने की क्षमता सुनिश्चित करना है।”
SIPRI की रिपोर्ट में कहा गया है, कि भारत की रणनीति अब केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है, बल्कि चीन जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वी को ध्यान में रखकर लंबी दूरी की मारक क्षमता विकसित करने पर केंद्रित है। रिपोर्ट की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है, कि पहली बार भारत के 12 परमाणु वॉरहेड को ‘तैनात’ यानी ऑपरेशनल श्रेणी में दिखाया गया है।
उल्लेखनीय है, कि दक्षिण एशिया में भारत और पाकिस्तान दोनों देश मुख्य रूप से एक-दूसरे के डर (परमाणु संतुलन) के कारण ये घातक हथियार रखते हैं। हालांकि, भारत अब अपनी आधुनिक तकनीक के जरिए ऐसी लंबी दूरी की मिसाइलें और हथियार बना रहा है, जो चीन के किसी भी कोने में सीधे निशाना साधने में सक्षम हैं।
