वाराणसी में आधी रात बुलडोजर एक्शन, (चित्र साभार: Tv9 भारतवर्ष/ NBT)
धर्मनगरी वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन को मल्टी-मॉडल टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित करने की परियोजना के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान रेलवे भूमि पर बने मंदिर, अजगैब शहीद मस्जिद और कब्रिस्तान से जुड़े निर्माणों को आधी रात बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेलवे की जमीन पर बनी लगभग 200 साल पुरानी ‘अजगैब शहीद मस्जिद’ को 22 मिनट में देर रात बुलडोजर चलाकर ढहा दिया गया। प्रशासन का कहना है, कि स्टेशन को आधुनिक ‘मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब’ बनाने के रास्ते में यह मस्जिद बाधा बन रही थी। वहीं मुस्लिम पक्ष का दावा है, कि इस मस्जिद का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है।
दरअसल, वर्ष 2024 में काशी मॉडल स्टेशन प्रोजेक्ट के दौरान इस अतिक्रमण की जानकारी सामने आई। इसके बाद रेलवे द्वारा जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया गया। यह मामला करीब दो साल से कोर्ट में विचाराधीन था और हाल ही में मजार और मस्जिद पक्ष कोर्ट में केस हार गया था। इसके बाद बुधवार रात जहाँ मस्जिद खड़ी थी, सुबह वहाँ सिर्फ खाली मैदान नजर आया।
प्रशासन ने भारी मशीनों की मदद से कुछ ही मिनटों में ढांचा गिरा दिया। इसके बाद ट्रकों में मलबा भरकर मौके से तुरंत हटा भी दिया गया। इस दौरान सुरक्षा के लिए हजार से ज्यादा पुलिस और पैरा मिलिट्री के जवान तैनात किए गए थे। पूरे इलाके की बैरिकेडिंग कर दी गई थी, ताकि कोई वहाँ आ न सके। कार्रवाई के दौरान मीडिया और बाहरी लोगों के जाने पर पूरी तरह पाबंदी थी।
जानकारी के अनुसार, काशी रेलवे स्टेशन को लगभग 336 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक मल्टी-मॉडल इंटर मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस आधुनिक मल्टी-मॉडल हब के तैयार हो जाने के बाद ट्रेन, बस, मेट्रो और नाव (जल परिवहन) की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। परियोजना के तहत स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
