विश्व धरोहर फूलों की घाटी, (फोटो साभार: X@cleanganganmcg)
देवभूमि उत्तराखंड स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी घूमने आया हरियाणा निवासी एक पर्यटक मंगलवार देर शाम रहस्यमय तरीके से लापता हो गया। सनसनीखेज मामला सामने के बाद पुलिस, एसडीआरएफ व वन विभाग की संयुक्त टीम क्षेत्र में सर्च अभियान चला रही है। हालांकि बुधवार देर शाम तक पर्यटक का कुछ पता नहीं चल पाया है।
जानकारी के मुताबिक, विश्व प्रसिद्ध ‘फूलों की घाटी’ राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से 9 जून की शाम लापता हुए पर्यटक की पहचान गब्बर सिंह पुत्र विक्रम सिंह निवासी फरीदाबाद, हरियाणा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है, कि देर शाम तक वापस नहीं लौटाने पर उससे संपर्क किया गया, लेकिन फोन नहीं लगा। पर्यटक के लापता होने की सूचना से विभाग में हड़कंप मच गया।
इसी क्रम में बुधवार को भी घाटी के संभावित क्षेत्रों में टीम ने पर्यटक की तलाश की। जानकारी सामने आई है, कि वह अकेला ही घाटी में घूमने के लिए आया है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु ने बताया, कि मंगलवार से ही पर्यटक की तलाश शुरू कर दी गई है। क्षेत्र में लगातार मौसम खराब हो रहा है। अभी उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है।
गौरतलब है, कि घटनाक्रम में एक बेहद हैरान करने वाला मोड़ तब आया, जब वन विभाग ने पर्यटक द्वारा दर्ज जानकारियों की जांच की। वन क्षेत्राधिकारी चेतन कांडपाल ने बताया, कि प्रवेश द्वार पर श्रद्धालु द्वारा जो मोबाइल नंबर लिखवाया गया था, वह पूरी तरह गलत है। जब उस नंबर पर संपर्क किया गया, तो फोन उठाने वाले व्यक्ति ने चौंकाने वाला दावा किया है।
फोन उठाने वाले व्यक्ति के अनुसार, गब्बर सिंह 3 साल पहले ही अपने घर से लापता हो चुके है। इसके बाद जब वन विभाग ने रजिस्टर में दर्ज कराए गए आधार कार्ड के विवरण के जरिए गहनता से पुष्टि की, तो आधिकारिक तौर पर भी यह तस्दीक हुई, कि हरियाणा के रहने वाला गब्बर सिंह वास्तव में पिछले 3 सालों से लापता चल रहा है।
प्रारंभिक जांच के आधार पर अधिकारियों के मुताबिक, 3 साल पहले लापता हुए गब्बर सिंह 9 जून को अचानक फूलों की घाटी पहुंचे। वहां उन्होंने नियमानुसार प्रवेश तो किया, लेकिन एक बार फिर रहस्यमय ढंग से गायब हो गए। फिलहाल रेस्क्यू टीमें इस पहेली को सुलझाने और लापता पर्यटक को सुरक्षित ढूंढ निकालने के लिए घाटी के चप्पे-चप्पे को खंगाल रही है।
