देश को मिली पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन,(फोटो साभार: X@narendramodi)
भारतीय रेलवे ने हरित और आधुनिक परिवहन की दिशा में इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन तकनीक से चलने वाली यात्री ट्रेनें संचालित हो रही हैं।
Prime Minister @narendramodi flags off India's first Hydrogen train between Jind and Sonipat at Jind railway station#HydrogenTrain #भारत_की_पहली_हाइड्रोजन_ट्रेन @RailMinIndia
Watch: ⬇️ pic.twitter.com/j1lJCliqRs
— PIB India (@PIB_India) July 17, 2026
जिंद में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सपना साकार हुआ और जिंद, सोनीपत और हरियाणा का नाम आज इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। इतने वर्षों में जींद के घी और जींद के घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं। आज जींद भाजपा-NDA के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, कि फिलहाल यह ट्रेन करीब 90 किलोमीटर के रूट पर चलेगी, लेकिन भविष्य में इसके विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। हम लगातार शोध करते रहेंगे, ताकि इसकी लागत कम हो और इसकी दक्षता बढ़ाई जा सके।
उन्होंने कहा, कि दुनिया में अभी केवल तीन-चार देशों के पास ही हाइड्रोजन ट्रेन संचालित करने की क्षमता है और वहां भी यह तकनीक अभी शुरुआती दौर में है। ऐसे में भारत की हाइड्रोजन तकनीक और क्षमता पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
पीएम मोदी ने कहा, बीते वर्षों में पूरा हरियाणा ही विकास की नई पटरी पर चल पड़ा है। आज का ये कार्यक्रम डबल इंजन की भाजपा सरकार के इसी मिशन को नई ऊर्जा से भर रहा है। उन्होंने कहा, कि पिछले कुछ वर्षों में पूरा हरियाणा विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “भारत में पहली ट्रेन बॉम्बे से ठाणे के बीच चली थी। वैसे ही भविष्य में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र आएगा, तो जींद के सोनीपत का और हरियाणा का नाम आएगा ही आएगा। उन्होंने कहा, आज 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अन्य प्रोजेक्ट्स भी हरियाणा को मिले हैं।
पीएम मोदी ने कहा, भारत की इस हाइड्रोजन ट्रेन के सामर्थ्य के बारे में सुनकर आपको और एक-एक हिंदुस्तानी को गर्व होगा। जींद से चलने वाली हाइड्रोज ट्रेन दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोज ट्रेन है। ये ट्रेन 3200 हॉर्स पॉवर की है और सबसे ताकतवर ही नहीं, बल्कि भारत की हाइड्रोज ट्रेन सबसे लंबी भी है।
जींद से सोनीपत के बीच शुरू हुई देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी की दिशा में भारत का एक बड़ा कदम है। इस ट्रेन के सामर्थ्य के बारे में सुनकर हर देशवासी को बहुत गर्व होगा! pic.twitter.com/KCkeftRuk4
— Narendra Modi (@narendramodi) July 17, 2026
उल्लेखनीय है, कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन रेलवे क्षेत्र में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को अपनाने की दिशा में अहम कदम है। यह ट्रेन भारत में ही डिजाइन की गई है। इंजीनियरिंग और एकीकृत की गई यह ट्रेन स्वदेशी तकनीक का उपयोग करके विकसित की गई है।
यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलती है, जो हाइड्रोजन को बिजली में परिवर्तित करके ट्रेन को आगे बढ़ाती है। इस प्रक्रिया में केवल जल वाष्प उप-उत्पाद के रूप में उत्पन्न होता है, जिसके परिणामस्वरूप रेल संचालन के दौरान कार्बन उत्सर्जन शून्य होता है। डीजल ट्रेनों की तुलना में ये ट्रेनें टेलपाइप उत्सर्जन को खत्म करती हैं।
A truly historic moment for India's green mobility future! 🚆🇮🇳
Today, PM @NarendraModi ji will flag off India's first indigenous hydrogen-powered train on the Jind-Sonipat route. Powered by a 1200 kW hydrogen fuel cell propulsion system and emitting only water vapour, this… pic.twitter.com/tCKiOUtmqW
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) July 17, 2026
इसके अलावा हाइड्रोजन ट्रेन जीवाश्म ईंधन और जीवाश्म ईंधन आयात पर निर्भरता कम करती हैं और शोर भी काफी कम करती हैं। ये ट्रेनें पर्यावरण को लेकर स्वच्छ और कुशल समाधान बन जाती हैं। इस ट्रेन में 10 कोच हैं। इस तरह यह अब तक विकसित की गई सबसे लंबी हाइड्रोजन-चालित यात्री ट्रेनों में से एक बन गई है।
