नकली नोट गिरोह पर हरिद्वार पुलिस का बड़ा वार (फोटो साभार: X@haridwarpolice)
नकली करेंसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हरिद्वार पुलिस ने घर में नकली नोट छापकर बाजार में खपाने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। बताया जा रहा है, दो दिन पहले पचास हजार रुपये से अधिक के नकली नोट बरामद होने के मामले की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस गिरोह की ठिकाने तक पहुंची।
एसपी सिटी क्राइम निशा यादव ने मायापुर स्थित एसपी सिटी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान मीडियाकर्मियों को बताया, कि कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने बीते शनिवार 27 जून को वनकर्मियों के साथ मारपीट करने वाले तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान आरोपितों के वाहन से 52,500 रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे।
💥 नक़ली नोटों के खेल का भंडाफोड़
👮♂️ SSP हरिद्वार के निर्देशन में बड़ी कार्रवाई नकली नोट छापने वाले गिरोह के 03 सदस्यों को पुलिस ने दबोचा, पुर्व में 03 की गिरफ्तारियां से मिली लीड
💰 छपे हुए जाली नोट बरामद 💻🖨️ लैपटॉप, प्रिंटर एवं अन्य उपकरण भी पुलिस के कब्जे में। pic.twitter.com/2XXDku4XU4
— Haridwar Police Uttarakhand (@haridwarpolice) June 30, 2026
सीओ अवनी तिवारी ने मामले में पूछताछ के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर जानकारी जुटाई, कि गिरोह के सदस्य नकली नोट छापने में प्रयुक्त उपकरण और तैयार नकली नोटों को कार से लेकर बिजनौर के बड़ापुर की ओर ले जा रहे है। इसके बाद एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर बीते सोमवार पुलिस टीम ने लालढांग तिराहे के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन की तलाशी ली।
पुलिस टीम को वाहन की तलाशी के दौरान एक लैपटॉप, एचपी और कैनन कंपनी के दो प्रिंटर, पांच मोबाइल फोन, 500 रुपये के चार असली नोट और 25 पेपर शीट बरामद हुए, जिन पर 500 रुपये के करीब 50 हजार रुपये मूल्य के नकली नोट छपे हुए थे। इन नोटों की कटिंग की जानी शेष थी। इसके अलावा नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला विशेष वॉटरमार्क पेपर भी बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान देवेंद्र कुमार पुत्र अशोक कुमार निवासी सरदारपुर छामली, थाना बड़ापुर, जिला बिजनौर, गुलजार अहमद पुत्र अब्दुल हमीद निवासी टांडा सिक्कावाला, थाना बड़ापुर, जिला बिजनौर और शगुन जोशी पुत्र पवन जोशी निवासी लालढांग, थाना श्यामपुर के रूप में हुई है।
पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पूछताछ में आरोपितों ने बताया, कि गुलजार अहमद ऑनलाइन नकली नोट छापने वाला पेपर मंगाता था। वहीं शगुन असली नोट से फोटो खींचकर उसे सॉफ्टवेयर और एप की मदद से गुणवत्ता को बढ़ाने का कार्य करता था।, जिससे की नोट का प्रिंट सही आए।
देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले संगठित गिरोह के प्रमुख सदस्य देवेंद्र कुमार ने बताया, कि उसने और गुलजार ने पहले बिजनौर के बड़ापुर क्षेत्र में करीब एक लाख रुपये के नकली नोट छापे थे। इनमें कुछ नोट खराब हो गए, जबकि लगभग 60 हजार रुपये के नकली नोट बाजार में चला दिए गए।
मुख्य आरोपित देवेंद्र ने बताया, कि इसके बाद उनका लालच और बढ़ गया और इसलिए देवेंद्र और गुलजार ने गिरोह को विस्तार देते हुए अपने साथ देवेंद्र के जीजा शिवम व नोट की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शगुन जोशी को अपने साथ जोड़ लिया। चारों मिलकर नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की साजिश को अंजाम दे रहे थे।
एसपी क्राइम निशा यादव ने बताया, गिरोह ने नकली नोट तैयार करने के लिए बाकायदा उच्च तकनीकी वाला तरीका अपनाया। ऑनलाइन विशेष पेपर मंगाया जाता था। असली नोट की हाई रिजॉल्यूशन फोटो लेकर सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप के जरिए उसकी गुणवत्ता बढ़ाई जाती थी। इसके बाद लैपटॉप और हाई क्वालिटी प्रिंटर से नोट छापे जाते थे।
