ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया (फोटो साभार: ANI)
नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को बड़ी सफलता हासिल हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को बताया, कि ड्रग्स के कारोबार के भगोड़े सरगना वीरेंद्र सिंह बसोया को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत लाया गया है। बसोया 13 हजार करोड़ की ड्रग्स बरामदगी मामले में आरोपी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बसोया के प्रत्यर्पण को नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में एक नया मील का पत्थर बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए गृह मंत्री ने कहा, कि मोदी सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों को लगातार ढूंढ रही है और उनके पूरे नेटवर्क को पूरी सख्ती के साथ खत्म कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी जांच एजेंसियों ने अपराधियों को ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर तक के एप्रोच से ट्रैक किया है। इससे एक बार फिर साबित हो गया है, कि ड्रग तस्कर चाहे दुनिया में कहीं भी छिप जाएं, वे भारतीय कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते।
Modi govt is relentlessly tracking down drug traffickers hiding abroad and destroying their entire ecosystem with a ruthless approach.
Creating a new milestone in the policy of zero tolerance against narcotics, the NCB secured the return of fugitive drug kingpin Virender Singh…
— Amit Shah (@AmitShah) August 14, 2026
अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया बसोया को भारत वापस लाने की कार्रवाई अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल का परिणाम है। दिल्ली की एक अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया और UAE में राजनयिक माध्यमों से उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
बता दें, कि वीरेंद्र सिंह बसोया एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का मुख्य सरगना है, जो लंबे समय से कानून की गिरफ्त से दूर था। उसकी वापसी को भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस फरार ड्रग किंगपिन पर करोड़ों रुपये के अंतरराष्ट्रीय कोकीन और ड्रग सिंडिकेट को चलाने का आरोप है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के मुताबिक, 2024 में दिल्ली पुलिस ने 500 किलोग्राम से ज्यादा कोकीन जब्त की थी और इस मामले में पाँच आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनमें बसोया का सहयोगी जितेंद्र पाल सिंह और तुषार गोयल भी शामिल थे। इसके बाद जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, ड्रग्स की नई खेप सामने आती गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, बसोया ने इस मामले के मुख्य आरोपी तुषार गोयल को 100 खेप की हर डिलीवरी के लिए 3 करोड़ रुपए देने की पेशकश की थी। जितेंद्र पाल सिंह भारत में ड्रग कार्टेल के कामकाज की निगरानी कर रहा था। बसोया को पहले भी एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसे जमानत मिल गई थी।
बसोया को भारत लाये जाने के बाद जांच एजेंसियों को उससे सीधे पूछताछ का मौका मिलेगा। विशेष तौर पर विदेश से भारत तक ड्रग्स पहुंचाने का नेटवर्क, हवाला और मनी ट्रेल, विदेशी संपर्क, पाकिस्तान-दुबई कनेक्शन, कथित फर्जी कंपनियों और नेटवर्क में उसके बेटे समेत दूसरे आरोपितों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण होगी।
