एक नंबर की दो कारें,(फोटो साभार: etvbharat)
रुद्रपुर के संभागीय परिवहन विभाग में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर वाली दो कारें अलग-अलग मालिकों के नाम पर पंजीकृत मिली हैं। साथ ही आधार कार्ड के नंबर में भी समानता मिली, लेकिन फोटो और जन्मतिथि अलग-अलग निकली।
इस अजीबोगरीब मामले ने एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। दरअसल, ज्वालापुर हरिद्वार निवासी सहदेव कुमार पाल पुत्र गोपाल सिंह ने अपने अधिवक्ता हेमंत प्रकाश के साथ सोमवार को एआरटीओ कार्यालय पहुंच शिकायत दर्ज करवाई, कि यूके 06 एएन 0807 स्विफ्ट डिजायर कार के मालिक वह है परंतु बीमा रिन्यू करवाने पर पता चला बीमा किसी और के नाम हो गया है।
शिकायत पर जब एआरटीओ कार्यालय द्वारा दस्तावेजों की जांच की गई, तो पता चला, कि इसी नंबर की दूसरी कार नीरज कुमार निवासी ग्राम धमोला कालाढूंगी नैनीताल के नाम पर पंजीकृत है। इसके बाद उप सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मोहित कोठारी द्वारा नीरज कुमार को उनकी कार के साथ कार्यालय बुलाया गया।
जब दोनों गाड़ियों को एक-दूसरे के सामने खड़ा किया गया, तो दोनों कारों का रजिस्ट्रेशन नंबर एक निकला। जांच जब आगे बढ़ी, तो चेसिस नंबर भी हूबहू समान पाया गया। अब संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों के समक्ष सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया, कि एक ही रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर वाली दो कारें आखिर सड़क पर कैसे पहुंच गईं?
संभागीय परिवहन विभाग के टेक्निकल अधिकारी द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद दोनों वाहनों में असली वाहन की पुष्टि के लिए स्थानीय मारुति एजेंसी से संपर्क किया गया है।
उधमसिंह नगर
➡️रुद्रपुर ARTO कार्यालय में एक ही नंबर की दो कारें
➡️एक नंबर की 2 स्विफ्ट डिजायर कारों आमने-सामने
➡️दोनों के रजिस्ट्रेशन, चेसिस नंबर हूबहू समान मिले
➡️एक हरिद्वार के सहदेव, दूसरी नैनीताल के नीरज की
➡️बीमा नवीनीकरण के दौरान मामले का खुलासा हुआ
➡️दोनों के कागजों में… pic.twitter.com/ZfKX83czdO— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) August 12, 2026
बीते मंगलवार को मारुति एजेंसी की तकनीकी टीम ने जब संभागीय परिवहन विभाग के कर्मचारियों के साथ दोनों वाहनों की संयुक्त जांच की, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। उन्होंने हरिद्वार निवासी सहदेव की कार को क्लीन चिट दे दी। दरअसल, मारुति एजेंसी के कर्मचारियों ने चेसिस नंबर में काफी कमियां पकड़ ली।
इस जाँच के बाद स्पष्ट हो गया, कि वाहन के चेसिस नंबर से छेड़छाड़ की गई है। वहीं नीरज कुमार ने बताया, कि उन्होंने यह कार केलाखेड़ा के एक डीलर से खरीदी थी। डीलर ने बताया, कि उसने वाहन सहदेव कुमार पाल नाम के एक व्यक्ति से खरीदा था। हालांकि वह सहदेव कुमार पाल दूसरा व्यक्ति था।
इसके बाद उस दूसरे सहदेव का आधार कार्ड सामने आया, तो उसका आधार नंबर भी शिकायतकर्ता सहदेव कुमार पाल के आधार नंबर के समान पाया गया। हालांकि दोनों के आधार कार्ड में जन्मतिथि और फोटो अलग-अलग मिले। अब विभाग पता लगा रहा है, कि एक ही रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर वाली दो कारें कैसे पंजीकृत हुईं।
जांच के दौरान दस्तावेजों के फर्जी इस्तेमाल की आशंका भी सामने आई है। विभागीय जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है, कि इनमें से वास्तविक वाहन कौन सा है और दूसरे वाहन के चेसिस नंबर में किसी स्तर पर छेड़छाड़ हुई है या दोनों वाहनों के दस्तावेजों में ही कोई बड़ा खेल किया गया है।
इस संबंध में एआरटीओ प्रशासन मोहित कोठारी ने बताया, कि दोनों वाहनों की जांच कराई जा रही है। एक वाहन की पहचान सही पाए जाने की दिशा में जानकारी मिली है, जबकि दूसरे वाहन के चेसिस नंबर की विस्तृत तकनीकी जांच आवश्यक है। मारुति कंपनी की रिपोर्ट और पुराने दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
