नैनीताल की मॉल रोड पर 1 अगस्त से हॉर्न पूरी तरह बैन, AI चित्र (फोटो साभार-Gemini Canvas)
उत्तराखंड स्थित झीलों के शहर नैनीताल की मॉल रोड पर अब हॉर्न के शोरगुल पर प्रतिबंध लगने जा रहा है। प्रशासन ने इसके लिए नए नियम लागू किए हैं जो एक अगस्त से प्रभावी होंगे। इसके लिए जागरूकता अभियान और पोस्टर लगाने की कवायद भी इसी सप्ताह से शुरू होगी।
कुमाऊं कमिश्नर व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शहर के ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में नैनीताल की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित, सुरक्षित और पर्यटक-अनुकूल बनाने की दिशा में प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं।
बैठक में नैनीताल शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और पर्यटक-अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया। इनमें सबसे बड़ा फैसला 1 अगस्त 2026 से मॉल रोड पर वाहनों के हॉर्न बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने का है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध जुर्माना समेत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
✅नैनीताल की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं पर्यटक-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय
✅1 अगस्त 2026 से मॉल रोड पर वाहनों के हॉर्न बजाने पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी दण्डात्मक कार्रवाई pic.twitter.com/1zmw761iw7
— DIPR Nainital (@nainital_info) July 2, 2026
मंडलायुक्त दीपक रावत ने बैठक में कहा, कि मॉल रोड नैनीताल की पहचान है, जहां पर्यटक शांत वातावरण में भ्रमण का आनंद लेते हैं। ऐसे में अनावश्यक हॉर्न से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित करता है। इसी को देखते हुए 1 अगस्त से मॉल रोड को ‘नो हॉर्न जोन’ घोषित करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया, कि जिलाधिकारी और एसएसपी इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करेंगे। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को पहले से इसकी जानकारी मिल सके।
बैठक में नैनी झील के चारों ओर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तल्लीताल डांठ से हनुमानगढ़ी बैंड तक पूरे मार्ग को प्रभावी नो-पार्किंग जोन के रूप में लागू करने का निर्णय भी लिया गया। इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे सड़क किनारे अनियंत्रित पार्किंग पर रोक लग सके और जाम की समस्या कम हो।
इसके अलावा बैठक में परिवहन और पुलिस विभाग को बिना वैध फिटनेस वाले सरकारी या निजी वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे वाहनों को तत्काल सीज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निजी वाहनों की ओर से व्यावसायिक टैक्सी संचालन रोकने के लिए संयुक्त अभियान चलाया जाएगा।
मंडलायुक्त दीपक रावत ने कहा, कि उच्च न्यायालय के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी निर्णयों पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा, कि इन कदमों से नैनीताल की यातायात व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी, ध्वनि एवं यातायात प्रदूषण में कमी आएगी।
प्रशासन का मानना है, कि शुरुआती दिनों में लोगों को नई व्यवस्था के अनुरूप ढलने में समय लग सकता है, लेकिन इससे नैनीताल का यातायात अधिक व्यवस्थित होगा और पर्यटन अनुभव भी पहले से बेहतर बनेगा। यदि सभी नियम प्रभावी ढंग से लागू हुए, तो आने वाले समय में नैनीताल देश के सबसे व्यवस्थित पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।
