कानपुर में डबल मर्डर की रूह कंपा देने वाली वारदात, (फोटो साभार : अमर उजाला)
पारिवारिक रिश्तों की नींव भरोसे, प्यार और सुरक्षा पर टिकी होती है, लेकिन जब वही रिश्ते खून से रंग जाएं तो समाज स्तब्ध रह जाता है। दरअसल, कानपुर के किदवईनगर के-ब्लॉक स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में शनिवार देर रात पिता शशिरंजन मिश्रा ने अपनी 11 साल की जुड़वां बेटियों रिद्धि-सिद्धि की नृशंस हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी ने खुद पुलिस को फोन कर दोहरे हत्याकांड की सूचना दी।
पुलिस के अनुसार, दोनों मासूमों की बचने की गुंजाइश न रहे, इसलिए पिता ने गले पर चापड़ रखकर हथौड़े से वार किए। आरोपी ने वारदात से पहले बच्चियों को नशीली दवा भी खिलाई थी। पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। हत्याकांड के डेढ़ घंटे बाद आरोपी ने तड़के खुद ही पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को बच्चियों के रक्तरंजित शव बेडरूम की फर्श पर पड़े मिले।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नौबस्ता थानाक्षेत्र के किदवई नगर के-ब्लाक स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के फेज-दो में लखनऊ निवासी बैंककर्मी विवेक गुप्ता का फ्लैट नंबर जी-चार है। इसमें पिछले आठ साल से मूलरूप से बिहार के गया का रहने वाला शशिरंजन मिश्रा परिवार के साथ रह रहा है। वह चंडीगढ़ की एक दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) था।
कुछ साल पहले शशिरंजन ने नौकरी छोड़कर कई कंपनियों की दवाइयों को मेडिकल की दुकानों पर सप्लाई का काम शुरू किया था। उसने बंगाल के सिलीगुड़ी के कालिंगो की रहने वाली रेशमा छेत्री से वर्ष 2014 में मंदिर में जाकर प्रेम विवाह कर लिया था। इससे पहले रेशमा स्वरूप नगर स्थित यूनिसेक्स सैलून में काम करती थी। इसी सैलून में दोनों की मुलाकात हुई थी।
नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया, कि दंपति के जुड़वा बेटियां रिद्धि व सिद्धि और छोटा बेटा रुद्रव उर्फ गुन्नू हैं। दोनों बेटियां अपार्टमेंट के पास स्थित मदर टेरेसा स्कूल में पांचवीं कक्षा की छात्रा थी। छोटा भाई रुद्रव भी उनके साथ यूकेजी का छात्र है। शनिवार रात 11 बजे हत्यारोपी शशिरंजन ने पत्नी रेशमा, जुड़वां बेटियों रिद्धि-सिद्धि व बेटे रुद्रव के साथ खाना खाया।
इसके बाद सभी टीवी देखने लगे। कुछ देर बाद शशिरंजन ने टीवी बंद करने को कहा, लेकिन परिवार ने उसकी बात अनसुनी कर दी। तैश में आकर शशिरंजन ने चिल्लाते हुए सभी को पीटने की धमकी दी। इसके बाद दोनों बेटियां पापा के कमरे में सोने चली गईं। मां बेटे रुद्रव को लेकर अपने कमरे में चली गई। रात 1:50 बजे से 3:35 बजे के बीच शशिरंजन ने अपने साथ सो रहीं दोनों बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी।
पुलिस को पूरी वारदात कमरे में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद मिली है। फ्लैट के अंदर पत्नी वाले बेडरूम और बाथरूम को छोड़कर कमरे, किचन और गैलरी में चार सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। वहीं पुलिस जांच में हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोपित ने वारदात को अंजाम देने से पहले घर में लगे सभी छह सीसीटीवी कैमरों का एंगल बदल दिया था।
आरोपित की पत्नी रेशमा ने बताया कि पति के व्यवहार से डरकर उसने निगरानी के लिए ये कैमरे लगवाए थे। पूछताछ में रेशमा ने बताया, कि उसके पति शशिरंजन शराब के लती होने के साथ ही नींद की गोलियां भी खाते थे। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उनका इलाज भी चल रहा था। इसके चलते अक्सर उनके साथ मारपीट करते थे। वह बेटियों को भी अपने साथ ही रखते थे और मिलने तक नहीं देते थे।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कई दिनों से इस वारदात की योजना बना रहा था। उसने पांच दिन पहले मूलगंज से करीब 500 रुपये में एक चापड़ खरीदा और उसे घर की अलमारी में छिपाकर रखा। उसने कई बार बेटियों को मारने की कोशिश की, लेकिन हर बार वह पीछे हट गया। बीते शनिवार को आखिरकार उसने अपने इरादे को अंजाम दे दिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने दावा किया, कि वह डिप्रेशन से जूझ रहा था। घर से कुछ दवाइयां और नशीले पदार्थ भी बरामद हुए हैं। पूछताछ के दौरान सबसे हैरान करने करने वाली बात यह रही, कि उसमें किसी तरह का पछतावा नजर नहीं आया। आरोपी ने कहा, कि उसे लगता था वह ज्यादा समय तक जीवित नहीं रहेगा। उसने पत्नी पर बेटियों की उसने पत्नी पर बेटियों की देखभाल न करने का आरोप भी लगाया।
डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने मीडियाकर्मियों को बताया, पिता के जुड़वाँ बेटियों की हत्या करने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। उसकी पत्नी से पूछताछ के बाद आरोपित के मानसिक रूप से बीमार होने की बात सामने आई है। आशंका है, कि बीमारी के चलते ही उसने वारदात को अंजाम दिया है। मनोरोग विशेषज्ञों से उसके मानसिक स्थिति की भी जांच कराई जाएगी।
