PM मोदी ने किया दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड, गढ़ी कैंट में आयोजित समारोह में 210 किमी लंबे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का रिमोट बटन दबाकर लोकार्पण किया। देहरादून कार्यक्रम की शुरुआत पीएम मोदी ने प्रसिद्ध डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना से की, जहां उन्होंने देश और उत्तराखंड की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
अधिष्ठात्री देवी माँ डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगभग 12 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से तय कर कैंट क्षेत्र स्थित सभा स्थल पर पहुंचे। इस दौरान सड़क के किनारे हजारों की संख्या में युवा, महिलाएं और आमजन मौजूद रहे। इस दौरान लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और हर कोई पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए उत्सुक नजर आया।
देहरादून में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का भव्य रोडशो।#Uttarakhand#DevelopingUttarakhand pic.twitter.com/doQHFxTOqt
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) April 14, 2026
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के उद्घाटन के अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंच बद्री, पंच केदार, संतला देवी और देहरादून की अधिष्ठात्री देवी माँ डाट काली का स्मरण करते हुए कहा, कि देवभूमि उत्तराखंड से उन्हें हमेशा विशेष ऊर्जा मिलती है। यहां के लोगों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें देश के विकास के लिए और अधिक प्रेरित करता है, और वे इस बार भी उत्तराखंड से नई ऊर्जा लेकर जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने रोड शो में उमड़े जन सैलाब और लोगों के प्यार पर आभार जताते हुए कहा, कि 12 किलोमीटर लंबे रोड शो में जनता का प्यार देखते हुए वह तेजी से वाहन चलवाकर जनसभा में नहीं पहुंच पाए। उन्होंने कहा, कि यह भव्य रोड शो न केवल इकोनॉमिक कॉरिडोर के महत्व को दर्शाता है, बल्कि उत्तराखंड की जनता और प्रधानमंत्री के बीच गहरे जुड़ाव को भी प्रदर्शित करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में अपने संबोधन की शुरुआत देशवासियों को बैसाखी और बिहू पर्व की शुभकामनाएं देते हुए की। उन्होंने कहा, कि आने वाले कुछ दिनों में उत्तराखंड में स्थित पवित्र चारधाम की यात्रा भी शुरु होने वाली है, जिसका देश भर के आस्थावान लोग प्रतीक्षा करते हैं। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने से चारधाम के यात्रियों को भी सुविधा होगी।
The Delhi-Dehradun Economic Corridor, being inaugurated today, is a world-class infrastructure project that will deepen connectivity, boost the economy and tourism. https://t.co/5TayGK4QLZ
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026
उन्होंने कहा, कि उत्तराखंड राज्य अपने स्थापना के 26वें साल में प्रवेश कर चुका है, अब राज्य की प्रगति में दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे भी शामिल हो गया है। पीएम मोदी ने कहा, कि कुछ साल पहले उन्होंने बाबा केदार की धरती पर अनायास ही कहा था, कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड के नाम होगा और आज उन्हें यह देखकर बेहद खुशी हो रही है, कि डबल इंजन वाली सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से उत्तराखंड तेजी से इस राह पर बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ बीआर आंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा, कि बीते एक दशक से उनकी सरकार ने जो भी निर्णय लिए, वे देश के संविधान की गरिमा को बढ़ाने वाले साबित हुए हैं। कश्मीर में धारा 370 की समाप्ति और देश से माओवाद खत्म होने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू हो गया है।
पीएम मोदी ने कहा, उत्तराखंड ने संविधान की भावना के अनुरूप, समान नागरिक संहिता लागू कर, पूरे देश को नई राह दिखाई है। उन्होंने कहा, कि बाबा साहेब का जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों को न्याय पूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित रहा है, केंद्र सरकार भी इसी भावना के साथ हर गरीब को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कि देश का संतुलित विकास, सबको सुविधा और सबकी समृद्धि ही सामाजिक न्याय का माध्यम बन सकती है। इसलिए बाबा साहेब भी औद्योगिकीकरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भरपूर वकालत करते थे।
बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर का जीवन गरीबों, वंचितों और शोषितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित था। हमारी सरकार भी आज उसी भावना के साथ सबको सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी है। pic.twitter.com/n4kK4foSCl
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026
पीएम मोदी देश के विकास में सड़क, रेलवे, रोपवे और वाटर-वे की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा, कि कुछ लोग भविष्य जानने के लिए हाथ की रेखाओं को दिखाने के लिए ज्योतिष शास्त्र की शरण में जाते हैं। आज इसी तरह सड़कें, राष्ट्र की भाग्य रेखाएं बनती जा रही हैं। बीते एक दशक से सरकार विकसित भारत के लिए ऐसी ही भाग्यरेखाओं के निर्माण में जुटी हुई है। ये भाग्य रेखाएं, सिर्फ आर्थिकी का आधार नहीं बनेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी की समृद्धि की गारंटी भी बनेगी और यही मोदी की गारंटी भी है।
उन्होंने कहा, कि बीते एक दशक में सरकार ने इन विकास रेखाओं के निर्माण में अभूतपूर्व निवेश किया है। वर्ष 2014 तक पूरे देश के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर दो लाख करोड़ भी खर्च नहीं हो पाते थे, जबकि आज यह राशि छह गुना अधिक बढ़कर 12 लाख करोड़ के पार पहुंच चुकी है। इस दौरान अकेले उत्तराखंड में ही, सवा दो लाख करोड़ रुपए के इंफ्रा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, कि कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़कों के इंतजार में पीढ़ियां बूढ़ी हो जाती थी, आज डबल इंजन की सरकार के कारण गांव गांव सड़क पहुंच रही है। इससे वीरान गांव फिर जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना, रेल परियोजना, केदारनाथ, हेमकुंड रोपवे जैसे परियोजनाएं उत्तराखंड की भाग्य रेखाएं बन रही हैं।
उन्होंने कहा, कि 21वीं सदी का भारत जिस स्पीड और स्केल पर काम कर रहा है, उसकी चर्चा दुनिया भर में हो रही है। बीते कुछ महीनों के भीतर ही दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ है, साथ ही मेरठ तक मेट्रो पहुंची है, नोएडा में एयरपोर्ट शुरु हुआ है और अब दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर भी शुरु हो चुका है। इतने छोटे से क्षेत्र में इतना सब कुछ हो रहा है तो आप देश भर की प्रगति का आकलन कर सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा, कि आज देश में कई इकोनॉमिक कॉरिडोर पर काम चल रहा है। ये इकोनॉमी कॉरिडार प्रगति के नए द्वार बनने जा रहे हैं जिनसे हमारी उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जहां लोगों का आने जाने में समय बचेगा, वहीं ईंधन की खपत कम होने से किराया और माल भाड़ा भी बचेगा। साथ ही किसानों को अपने उत्पाद, तेजी से बड़ी मंडियों तक पहुंचाने की सुविधा मिलेगी। इस शानदार एक्सप्रेस वे का सर्वाधिक लाभ उत्तराखंड के पर्यटन को मिलेगा।
