हरियाणा के पर्यटकों को नग्न कर पीटने के आरोप में दो गिरफ्तार, (फोटो साभार: etvbharat)
हरियाणा के पर्यटकों को नग्न कर मारपीट, जानलेवा हमला और उनकी गाड़ी को क्षतिग्रस्त करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पर्यटकों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पांच नामजद समेत अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इसी क्रम में घटना में शामिल दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस घटना के संबंध में एसपी देहात जया बलूनी ने बताया, कि बीते बुधवार 20 मई को हरियाणा के कैथल के रहने वाले सतवीर सिंह अपने साथियों सोनू, सतीश कुमार, प्रदीप कुमार और विक्रम सिंह के साथ कार से ऋषिकेश घूमने आ रहे थे। तभी काली की ढाल क्षेत्र में एक महिला से हुई किसी गलतफहमी के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पर्यटकों के साथ मारपीट की, जिससे वो घायल हो गए। भीड़ ने पर्यटकों के वाहन को भी नुकसान पहुंचाया। इस मामले में पीड़ित सतवीर की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। इसी क्रम में शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने भरत विहार ट्रक यूनियन पार्किंग क्षेत्र में दबिश देकर दो नामजद आरोपियों को दबोच लिया।
आरोपितों की पहचान अशोक थापा और नरेश कश्यप निवासी गली नंबर 2 काली की ढाल ऋषिकेश के रूप में हुई है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के लिए भेजा गया है।
एसपी देहात जया बलूनी ने बताया, कि हरियाणा के कैथल निवासी सतवीर सिंह ने शिकायत दर्ज कराई, कि वो अपने दोस्तों के साथ आया था, तभी आईडीपीएल के पास स्कूटी सवार महिला ने उनकी कार रोकी। इस दौरान महिला के साथ एक बच्ची भी थी। दोनों पक्षों की बहस के बीच आस-पास लोग एकत्र हो गए और उनके साथ मारपीट कर दी।
एसपी देहात ने बताया, कि जिस महिला से हरियाणा के युवकों की बहस हो रही थी, उससे भी पुलिस ने पूछताछ की है। महिला ने बताया, कि वो अपनी बेटी के साथ स्कूटी से जा रही थी। इस दौरान पीछे बैठी बेटी ने उससे कहा, कि कार सवार युवकों ने कुछ इशारा किया है और टिप्पणी भी की है। जिस पर महिला ने कार को रोका और दोनों पक्षों में बहस होने लगी।
बहस के बीच आसपास के लोग जमा हो गए और कार सवारों से मारपीट कर दी। इसी बीच कुछ लोगों ने कार सवारों को बचाया। महिला ने भी उन्हें बचाने का प्रयास किया। एसपी देहात ने कहा, अगर भीड़ को लग रहा था कि बच्ची के साथ छेड़छाड़ हुई या टिप्पणी की गई तो तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। इस तरह से कानून को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए था।
