मृतक ट्विशा शर्मा (बाएँ) और सास रिटायर्ड जज गिरिबाला(दाएँ) (फोटो साभार: NDTV
त्विषा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार (28 मई 2026) को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द किये जाने के बाद भोपाल से गिरफ्तार कर लिया। बता दें, कुछ दिन पहले ही त्विषा अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थी। मृतका के परिवार ने ससुरालवालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार सुबह CBI की टीम भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित गिरिबाला सिंह के घर पहुँची थी। जांच एजेंसी ने हाईकोर्ट के निर्देश पर कई घंटों तक चली गहन पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया।
Twisha Sharma's mother-in-law, Giribala Singh, has been arrested by the CBI: CBI Sources. pic.twitter.com/Ey3luukPiP
— IANS (@ians_india) May 28, 2026
जानकारी के लिए बता दें, कि त्विषा शर्मा की मौत के तुरंत बाद 12 मई को सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने भोपाल की एक सत्र अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था, जिसे मंजूर कर लिया गया था। हालाँकि, बुधवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस राहत को रद्द कर दिया। इसके बाद CBI की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने उन आरोपों का भी गंभीरता से संज्ञान लिया, कि गिरिबाला सिंह, जो एक रिटायर्ड न्यायिक अधिकारी हैं और जिन्हें साइबर क्राइम, साइबर फोरेंसिक और क्राइम सीन मैनेजमेंट में प्रशिक्षण मिला हुआ है, उन्होंने संभवतः अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल सबूतों से छेड़छाड़ और जांच की दिशा को प्रभावित करने के लिए किया हो सकता है।
हाई कोर्ट ने देखा, कि त्विषा के माता-पिता और रिश्तेदारों के दर्ज बयानों में पहले ही दिन से लगातार यह आरोप लगाया गया है, कि समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह, दोनों ही ट्विशा का उत्पीड़न कर रहे थे। बता दें, कि त्विषा शर्मा के पति और पेशे से वकील समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस ने जबलपुर जिला अदालत परिसर से पकड़ा था। वह लगभग 10 दिनों से फरार चल रहे थे।
