रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शिरडी में किया मिसाइल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन, (फोटो साभार: एक्स)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार (23 मई 2026) को शिरडी में आधुनिक मिसाइल कॉम्प्लेक्स और आर्टिलरी शेल प्रोडक्शन लाइन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और भविष्य के बड़े लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की। रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष का उल्लेख करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, कि भविष्य के युद्धों की दिशा बदल रही है।
महाराष्ट्र के शिरडी में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, कि केंद्र सरकार का लक्ष्य रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत तक बढ़ाना है। उन्होंने कहा, कि एक समय भारत को दुनिया का बड़ा हथियार आयातक माना जाता था, लेकिन अब स्थिति तेजी से बदल रही है। उन्होंने भरोसा जताया, कि अगले 25 से 30 वर्षों में भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश बन सकता है और इसे कोई ताकत रोक नहीं पाएगी।
VIDEO | Shirdi: Addressing inauguration ceremony of Missile Complex & Artillery Shell Production Line, Defence Minister Rajnath Singh (@rajnathsingh) says, “There is no shortage of talent in India, and there is no shortage of courageous people either. They just need… pic.twitter.com/mjNLt5wThB
— Press Trust of India (@PTI_News) May 23, 2026
रक्षामंत्री ने मशहूर कवि दुष्यंत कुमार की पंक्तियों- ‘”कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों’ का जिक्र करते हुए देश के टैलेंट और बड़े विजन की जमकर तारीफ करते हुए कहा, कि सरकार की दूरदृष्टि और निजी क्षेत्र के नवाचार साथ मिलकर काम करें, तो देश नई ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है।
रक्षा मंत्री के मुताबिक, अब निजी कंपनियाँ केवल छोटे उपकरण या पुर्जे सप्लाई करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राजनाथ सिंह ने कहा, कि भारत को हथियार और ऑटोमेशन निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए सरकार और उद्योग जगत को मिलकर काम करना होगा।
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा, कि रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन बढ़ने से देश की रणनीतिक ताकत मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। राजनाथ सिंह ने कहा, कि शिरडी की इस पवित्र और आध्यात्मिक भूमि से एक नए युग की शुरुआत हो रही है। यह भारत की रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का एक सुनहरा अध्याय है।
