भूमि बेचने के नाम पर ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, (फोटो साभार: X@DehradunPolice)
पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और फौजियों को जमीन बेचने के नाम ठगी करने वाला शातिर जालसाज को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी भूमि धोखाधड़ी कर फरार चल रहे थे। जो अब पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। आरोपियों ने पीड़ित को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसी अन्य की भूमि बेचकर 30 लाख रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार इनामी आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है, जो पहाड़ के लोगों विशेषकर फौजियों और अन्य राज्यों में रहने वाले उत्तराखंड मूल के व्यक्तियों को अपने झांसे में लेकर भूमि धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम देता था। आरोपी के खिलाफ विभिन्न थानों में गैंगस्टर समेत भूमि धोखाधड़ी के दो दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत है।
पहाड के भोले भाले लोगों तथा फौजियों को भूमि बेचने के नाम पर ठगने वाला शातिर जालसाज आया दून पुलिस की गिरफ्त में,
भूमि धोखाघडी में वांछित चल रहे 20 हजार के ईनामी अभियुक्त सहित 02 अभियुक्तों को #दून_पुलिस ने किया गिरफ्तार pic.twitter.com/YEtx7vXMRa
— Dehradun Police Uttarakhand (@DehradunPolice) May 22, 2026
दरअसल, अक्टूबर 2025 को विक्रम सिंह निवासी सहस्त्रधारा रोड ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था, कि अभय कुमार, प्रदीप सकलानी और अजय सजवाण ने ग्राम सौंडा सरोली, परगना परवादून (देहरादून) स्थित भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार किये। इसके बाद भूमि को अपने किसी परिचित की बताते हुए उसे बेचने के नाम 30 लाख रुपए की धोखाधड़ी की।
पुलिस को प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना रायपुर में मुकदमा पंजीकृत किया गया। मुकदमे की विवेचना के दौरान जानकारी मिली, कि आरोपियों ने पीड़ित को भूमि अपने किसी परिचितों की बताते हुए स्वयं को भूमि विक्रय करने के लिए अधिकृत बताया था। इस दौरान उन्होंने एक विक्रय अनुबंध पत्र तैयार कर पीड़ित से 30 लाख रुपए बयाने के तौर पर ले लिए थे।
जांच में खुलासा हुआ, कि आरोपियों ने जिन व्यक्तियों को भूमि का स्वामी बताया था, वे उसके वास्तविक स्वामी नहीं थे और भूमि के वास्तविक स्वामियों ने आरोपियों को भूमि बेचने के लिए कोई अधिकार प्रदान नहीं किया था। आरोपियों ने भूमि पर फर्जी अधिकार दर्शाकर फर्जी अनुबंध पत्र का इस्तेमाल कर पीड़ित से धोखाधड़ी कर धनराशि हासिल की।
धोखाधड़ी का खुलासा होने पर जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने उसे चेक थमा दिए, लेकिन चेक भी बाउंस होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद से ही धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था। जिसके बाद पुलिस ने 20 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना रायपुर द्वारा पुलिस टीम का गठन किया गया है। पुलिस को सूचना मिली, कि प्रदीप सकलानी की एकता विहार डालनवाला में एक प्रॉपर्टी को बेचने को लेकर बातचीत चल रही है। जिस पर पुलिस टीम ने फरार चल रहे प्रदीप सकलानी और एक अन्य आरोपी अजय सजवाण को एकता कॉलोनी डालनवाला से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया, कि वो पुलिस से बचने के लिए हर दो से तीन महीने में अपना ठिकाना बदल देता था। आखिरकार पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तार प्रदीप सकलानी बेहद शातिर किस्म का अपराधी है, जो पहाड़ के भोले-भाले लोगों विशेषकर फौजियों या अन्य राज्यों में रहने वाले उत्तराखंड मूल के लोगों को निशाना बनाता था।
वहीं आरोपी खुद के भी पहाड़ी मूल का होने और उन्हें देहरादून में सस्ते दामों में जमीन दिलवाने का प्रलोभन देकर अपने विश्वास में लेता था। उन्हें किसी अन्य की भूमि को दिखाते हुए उसे अपनी या अपने किसी परिचित की बताकर उसे बेचने के एवज में उनसे मोटी धनराशी लेकर धोखाधड़ी करता था।
एसएसपी, देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने बताया, “आरोपी के खिलाफ देहरादून जिले के अलग-अलग थानों में भूमि धोखाधड़ी के 27 मुकदमे दर्ज हैं। थाना नेहरू कॉलोनी में दर्ज भूमि धोखाधड़ी के 3 अन्य मुकदमों में आरोपी ने अलग-अलग व्यक्तियों से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी की थी, जिसमें वो फरार चल रहा था।”
एसएसपी ने बताया, कि आरोपी और उसके साथियों के भूमि धोखाधड़ी के अपराध में लगातार लिप्त रहने पर उनके खिलाफ थाना नेहरू कॉलोनी और बसंस विहार में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा पंजीकृत किए गए थे। साथ ही आरोपी के खिलाफ राज्य के अलग-अलग न्यायालयों में एनआई एक्ट के दो दर्जन से ज्यादा वाद लंबित हैं।
