शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में दिखे लश्कर के आतंकी (फोटो साभार: इंडिया टुडे/आज तक)
इंटरनेट मीडिया पर पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के जनाजे का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है, कि नमाज-ए-जनाजा में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उससे जुड़े मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, शोएब अख्तर के भाई शाहिद अख्तर को इस्लामाबाद के H-8 कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जनाजे में खेल जगत और राजनीति से जुड़े लोग भी मौजूद थे। इस बीच पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें आतंकी संगठन ‘लश्कर-ए-तैयबा’ से जुड़े आतंकी जनाजे में नजर आ रहे हैं।
इस वीडियो के सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है, कि किस तरह पाकिस्तान में आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह मिल रही है। PMML द्वारा जारी वीडियो में आतंकी संगठन के कई नेता जनाजे की नमाज में शामिल दिखे। इनमें 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खास माने जाने वाले कई लोग भी मौजूद थे।
🔴#BREAKING | 26/11 Mastermind's Associates Spotted At Shoaib Akhtar's Brother's Funeral
NDTV's @deepduttajourno joins @reetksahni with more details pic.twitter.com/dqLdjPjwAh
— NDTV (@ndtv) June 27, 2026
बता दें, कि पीएमएमएल पार्टी आतंकी हाफिज सईद के समर्थन से बनी पार्टी मानी जाती है। क्योंकि उसके संगठन लश्कर-ए-तैयबा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रतिबंध लग चुका है। वायरल तस्वीरों में इनाम-उर-रहमान को पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी के साथ भी दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है।
जनाजे में PMML इस्लामाबाद प्रमुख इनाम-उर-रहमान कंबोह, डिप्टी जनरल सेक्रेटरी अब्दुल्ला तूर, जोनल जनरल सेक्रेटरी हाफिज उमर, खिदमत कमेटी चेयरमैन अमजद भट्टी और संगठन के अन्य पदाधिकारी दिखाई दिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहिद अख्तर का निधन तीन दिन पहले कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ था।
शोएब अख्तर ने अपने भाई के निधन की जानकारी सोशल मीडिया पर दी थी। उन्होंने लिखा था, “यह बताते हुए बेहद दुख हो रहा है कि मेरे बड़े भाई शाहिद अख्तर का निधन हो गया है और नमाज-ए-जनाजा का समय और स्थान सुबह बताया जाएगा।” वहीं शोएब अख्तर ने जनाजे में PMML नेताओं की मौजूदगी पर अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान में आतंक से जुड़े संगठनों और उनके सहयोगियों को खुला संरक्षण दिए जाने की ना’ पाक करतूत को चर्चा में ला दिया है। भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान पर लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों और उनके सहयोगी नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप लगाता रहा है।
