सांकेतिक चित्र
लक्सर में निवेश के नाम पर लोगों के साथ करोड़ो की ठगी करने वाले शातिर अपराधी लविश चौधरी उर्फ नवाब अली के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है, कि लक्सर क्षेत्र के 250 से अधिक निवेशकों ने दस करोड़ से अधिक की रकम कंपनी में लगायी थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
लक्सर निवासी अधिवक्ता विकास कुमार ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया, कि उन्होंने देहरादून और लक्सर क्षेत्र में रहने वाले एजेंटों के कहने पर बॉट ब्रो नामक कंपनी के ऑनलाइन प्लेटफार्म पर 10 लाख का निवेश किया था। एजेंटों ने उन्हें छह से सात फीसदी तक हर महीने मुनाफे की रकम उनके खाते में आने का विश्वास दिलाया था।
मोटे मुनाफे के लालच में उनकी तरह ही लक्सर निवासी 40 से अधिक लोगों ने भी कंपनी में 47 लाख से अधिक की रकम लगाई थी। इसके अलावा 250 से अधिक लोगों ने दस करोड़ से अधिक की रकम कंपनी में लगाई है। कुछ समय तक उनके खाते में हर महीने मुनाफे की रकम आती रही, लेकिन इसके बाद कंपनी उन्हें दूसरी वेबसाइट पर माइग्रेट करती रही और इस दौरान उन्हें कोई मुनाफा नहीं दिया गया।
पीड़ितों ने जब कंपनी में निवेश की गई अपनी रकम वापस मांगी, तो एजेंट अलग-अलग बहाने बनाकर उन्हें रकम जल्दी मुनाफे के साथ उनके खाते में वापस दिलाने का झांसा देते रहे, लेकिन महीनों का समय बीतने के बाद भी उनके खातों में उनकी निवेश की गई रकम वापस नहीं आई। इसके बाद जब उन्होंने एजेंटों से अपने पैसे वापस कराने कहा, तो उन्होंने अभद्रता करते हुए पैसे वापस करने से साफ इंकार कर दिया।
आरोप है, कि लविश चौधरी उर्फ नवाब अली, साजिद चौधरी, राशिद चौधरी, एजेंट राजकुमार, डॉ. हरिशंकर, नवीन नेगी, अनिल परदेशी, जगपाल व लक्सर निवासी दूसरे एजेंटों ने उनकी लाखों की रकम निवेश कराने के नाम पर ठगी की है। इस मामले में एसएसआई नितिन चौहान ने बताया, कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है, कि निवेश के नाम पर ठगी के तार उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर से लेकर दुबई तक जुड़ रहे हैं। कंपनी के सरगना ने दुबई में बैठकर एजेंटो के माध्यम से उत्तराखंड ही नहीं उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल सहित कई राज्यों के लोगों को मोटा मुनाफा कमाने के सपने दिखाए।
बता दें, कि मूलत: गाजियाबाद के गांव पसोंडा निवासी लविश चौधरी उर्फ नवाब अली करीब 8 साल पहले मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर क्षेत्र के नरा गांव में कोचिंग सेंटर और गांव घासीपुरा में थ्रो रायल बास्केट नाम से स्टोर संचालित करता था।
इससे पहले एक स्टील फैक्ट्री में भी नौकरी करने की बात सामने आई थी। बाद में लविश चौधरी दुबई चला गया और आनलाइन ट्रेडिंग की कंपनियां संचालित कर निवेश के नाम पर एजेंटो के साथ ठगी करने लगा। लविश चौधरी के खास एजेंटों की लंबी लाइन बताई जा रही है।
