सांकेतिक चित्र, (फोटो साभार: canva.com)
देहरादून जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। सेलाकुई थाना क्षेत्र में ससुरालियों ने विवाहिता को लगभग दस महीने तक कमरे और शौचालय में बंद रखा गया है, जहां उसके साथ जानवरों से बदतर बर्ताव किया गया। आरोप है, कि आरोपितों ने महिला के सिर के बाल तक उखाड़े डाले।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने पीड़िता के पिता की तहरीर पर संबंधित धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के पिता ने पुलिस दी अपनी शिकायत में बताया है, कि उनकी बेटी के साथ ससुरालवालों (पति, सास और ससुर) ने जानवरों की तरह व्यवहार किया है।
बीते दस महीने से उनकी बेटी को ससुरालवालों ने कमरे और शौचालय में बंधक बनाकर रखा। इतना ही नहीं, उनकी बेटी के साथ बेरहमी से मारपीट भी की जाती थी। पीड़िता के पिता संजीव बहुगुणा निवासी ग्राम गणेशपुर (रघुनाथ कॉलोनी), कारवारी ग्रांट ने बताया, कि उनकी बेटी साक्षी का विवाह राहुल खंडूरी के साथ हुआ था।
आरोप है, कि शादी के बाद से ही साक्षी का पति राहुल, सास और ससुर उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए साक्षी को पिछले 10 महीनों से घर के एक कमरे और शौचालय में बंद करके रखा हुआ था। पीड़िता के पिता ने कहा, कि इस बंधक अवधि के दौरान साक्षी के साथ बुरी तरह मारपीट और गाली-गलौज की जाती थी।
प्रताड़ना इस कदर खौफनाक थी, कि आरोपियों ने साक्षी के सिर के बाल तक खींच-खींच कर उखाड़ डाले, जिससे उसके सिर का एक बड़ा हिस्सा खाली हो गया। इसके साथ ही उसे लगातार जान से मारने की धमकी भी दी जा रही थी। बताया जा रहा है, एक लंबे समय तक पीड़िता के मायके वालों को इस बात की भनक तक नहीं लगी। हालांकि अब जैसे ही इस मामले की जानकारी हुई, तो उन्होंने तत्काल पुलिस को शिकायत दी।
इस मामले में सेलाकुई थाना प्रभारी लोकपाल परमार ने बताया, कि तहरीर के आधार पर आरोपी पति, सास-ससुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 351(2),127 (4)और 352 के तहत मुकदमा अपराध संख्या 68/26 पंजीकृत कर लिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गहनता से विवेचना की जा रही है।
