(फोटो साभार : hindi.news18.com)
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या और उसके बाद हुए अमेरिकी-इज़रायली हमलों के मद्देनजर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते सभी सुरक्षा एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा है।
न्यूज़ एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (DGP) को एक पत्र लिखा है। पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है, कि मध्य पूर्व एशिया में चल रहे युद्ध और खामेनेई की मौत का बहाना बनाकर देश के अंदर कोई भी माहौल खराब करने की कोशिश कर सकता है।
Union Ministry of Home Affairs has written to states cautioning against possible violence in India in the wake of Israel-US strikes against Iran. The letter was circulated on February 28, asking the states to identify “pro-Iran radical preachers giving inflammatory sermons":…
— ANI (@ANI) March 2, 2026
सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट रहने और भड़काऊ भाषण देने वाले ईरान समर्थक कट्टरपंथी प्रचारकों की पहचान करने को कहा है। मंत्रालय के अनुसार, ऐसे भाषणों से अशांति या सांप्रदायिक तनाव भड़क सकता है। गृह मंत्रालय ने अधिकारियों से अलर्ट और बचाव के कदम उठाने के लिए कहा है।
भारत सरकार ने अमेरिकी और इजरायली दूतावासों, वाणिज्य दूतावासों, यहूदी संस्थानों और विदेशी पर्यटकों के जमावड़े वाले स्थानों पर विशेष सुरक्षा तैनात करने का निर्देश दिया है। साथ ही ईरानी सांस्कृतिक केंद्रों को भी सुरक्षा घेरे में लिया गया है। पुलिस को सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने और अफवाहों या फेक न्यूज को तुरंत रोकने के सख्त आदेश दिए गए है।
नई दिल्ली ने खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए, सार्वजनिक रूप से संयम बरतने और घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखने की अपील की है। सरकार न सिर्फ जियोपॉलिटिकल नजरिए से बल्कि इसके घरेलू असर के लिए भी हालात का अंदाजा लगा रही है। साथ ही देश की आंतरिक शांति को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को गंभीरता से ले रही है।
वहीं जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में पहले ही एहतियाती कदम उठाए जा चुके हैं। श्रीनगर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। लाल चौक पर बैरिकेड लगाकर सील कर दिया गया है। बड़ी भीड़ को रोकने के लिए पूरे शहर में अतिरिक्त पुलिस और CRPF के जवानों को तैनात किया गया है। विरोध प्रदर्शनों के बाद पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड कम कर दी गई।
बता दें, कि रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में बदलते हालात का रिव्यू करने के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की मीटिंग की अध्यक्षता की। मीटिंग में इस इलाके में बड़ी संख्या में रहने वाले प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। साथ ही आर्थिक और कमर्शियल गतिविधियों पर इसके बड़े असर का भी रिव्यू किया गया ।
गौरतलब है, कि ईरान में खामेनेई की मौत से पूरी दुनिया के मुस्लिम समाज में शोक की लहर है। इसी क्रम में भारत के कुछ हिस्सों में भी लोगों का दर्द छलक पड़ा है। यूपी, दिल्ली से लेकर जम्मू-कश्मीर में लोग सड़कों पर निकलकर अपने नेता को विदाई दे रहे है। इस अंतरराष्ट्रीय घटना का सबसे ज्यादा असर जम्मू-कश्मीर में देखने को मिल रहा है।

