हरिद्वार पुलिस ने किया डबल मर्डर केस का खुलासा, (फोटो साभार: X@haridwarpolice)
हरिद्वार पुलिस ने पथरी थाना क्षेत्र के फूलगढ़ स्थित पथरेश्वर महादेव मंदिर में दो साधुओं की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज डबल मर्डर केस में पुलिस ने तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मंदिर की गद्दी पर कब्जा और अवैध संबंध को लेकर ब्लैकमेल करना इस हत्याकांड की मुख्य वजह बनी।
एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा बुधवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया गया। उन्होंने बताया, कि मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान आशु, अंकुर उर्फ अखिल गिरी और राममिलन के रूप में हुई है। वहीं हत्याकांड में शामिल चौथा आरोपी उत्तम गिरी फरार चल रहा है। पुलिस के अनुसार, गन्ना काटने वाली पाठल से दोनों साधुओं का गला रेता गया था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार को भी बरामद कर लिया है।
एसएसपी ने मीडियाकर्मियों को बताया, कि बीती 21 जुलाई को पथरेश्वर महादेव मंदिर के सेवादार उत्तम झा ने दूसरे सेवादार पंकज को दो साधुओं पारस गिरी और सेवा गिरी के लापता होने की सूचना दी थी। इसके बाद सोमवार की रात पंकज ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही किसी अनहोनी की आशंका भी जताई थी।
💥 डबल मर्डर का खुलासा
🛕 मंदिर की गद्दी बनी जंग का मैदान, गद्दी विवाद में हुई थी दोनों साधुओं की हत्या
🚨 पुलिसिंग के नए आयाम स्थापित करती एसएसपी नवनीत सिंह की टीम
⚡ पथरी क्षेत्र स्थित मंदिर में हुए दोहरे हत्याकांड का खुलासा
👮♀️ हत्याकांड में शामिल 03 आरोपियों को दबोचा pic.twitter.com/Obqf4vZ9yU
— Haridwar Police Uttarakhand (@haridwarpolice) July 22, 2026
सूचना का तत्काल संज्ञान लेते हुए एसपी देहात शेखर चंद सुयाल, सीओ लक्सर देवेंद्र सिंह नेगी, एसओ रविंद्र कुमार मौके पहुंचे थे। जांच के दौरान मंदिर परिसर के पास खोदाई करने के बाद दो साधुओं के शव बरामद हुए। एक की पहचान 38 वर्षीय सेवा गिरी और दूसरे साधु की शिनाख्त पारस गिरी (40) के तौर पर हुई।
दोनों शुक्रताल मुजफ्फरनगर यूपी के रहने वाले थे। जांच में सामने आया, कि 14 जुलाई को फूलगढ़ गांव स्थित पथरेश्वर मंदिर में आयोजित भंडारे में दोनों पहुंचे थे और तभी से यहीं ठहरे हुए थे। पूछताछ में पंकज ने बताया, कि ऐथल के रामेश्वर मंदिर में रहने वाले उत्तम झा 18 जुलाई की रात पथरेश्वर मंदिर में ही था।
रात में उसने सेवा गिरी और उत्तम गिरी को शराब पीते देखा था। 19 तारीख की सुबह गड्ढा खोदते हुए अन्य लोगों को देखा था। इसके बाद मंदिर के मुख्य पुजारी अखिल गिरी के कहने पर लक्सर के इस्माइलपुर निवासी आशु उसे वहां से सुल्तानपुर ले जाकर बस में बैठा आया था।
पुलिस के मुताबिक, अखिल गिरी और उत्तम गिरी के बीच अवैध संबंध थे। इस बात का पता पारस गिरी (मृतक) को चल गया था। सेवा गिरी और पारस गिरी (मृतक साधु) कुछ दिनों से मंदिर में ही रह रहे थे। इसके बाद पारस गिरी और सेवा गिरी दोनों मिलकर मुख्य पुजारी अखिल गिरी को ब्लैकमेल करने लगे।
रोज-रोज की ब्लैक ब्लैकमेलिंग से तंग आकर 18 जुलाई की रात को अखिल गिरी ने सेवा गिरी को हाल के अंदर पगड़ी पहनाकर मंदिर की गद्दी का मालिक बना दिया। हालांकि, अखिल गिरी और अन्य तीनों साधु बेहद गुस्से में थे और तभी उन्होंने दोनों को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।
योजना के अनुसार अखिल गिरी अपने तीन अन्य साथियों आशु, राममिलन, उत्तम गिरी से साथ बाइक पर सुल्तानपुर पंचेश्वर मंदिर गए और कुछ देर बाद वापस आ गए। वारदात वाली रात मंदिर में सात लोग थे। सेवादार उत्तम झा बगल में ही बने शिव मंदिर में गद्दा लेकर सो गया। इसके बाद चारों हत्यारोपियों ने सीसीटीवी कैमरे बंद किए।
सबसे पहले उन्होंने हॉल में पाठल से गला रेतकर सेवा गिरी की हत्या की और उसके बाद बाथरूम के फर्श पर पारस गिरी को मार डाला। दोनों साधुओं को मारने के बाद आरोपियों ने जंगल में गड्ढा खोदकर उन्हें वहां दबा दिया। हॉल में पड़े खून को साफ कर गद्दे को बाहर ले जाकर जला दिया, जिसके बाद सभी आरोपी मंदिर से भाग गए।
पुलिस के अनुसार, लाशों को ठिकाने लगाने के लिए गड्ढा खोदने के दौरान उत्तम झा ने उन्हें देख लिया था, जिस पर उन्होंने उत्तम झा को भी धमकाते हुए अपना फोन व सिम तोड़कर कहीं दूर चले जाने की सलाह दी थी। फिलहाल इस दोहरे हत्याकांड में एक आरोपित उत्तम गिरी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
