CM धामी ने उत्तराखंड वन्यजीव बोर्ड की 23वीं बैठक की अध्यक्षता की
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य वन्यजीव बोर्ड और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की उच्च स्तरीय बैठक में मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के साथ ही वन्य जीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।
सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में आयोजित उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 23वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, वन्यजीव गलियारों के संरक्षण तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।
सीएम धामी ने कहा, कि प्रदेश में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए सभी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा, कि वन्यजीव संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए भी आधुनिक तकनीक के साथ जनसहभागिता को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
Dehradun | Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami chaired the meetings of the State Wildlife Board and the State-Level Tiger Steering Committee and directed officials to formulate a concrete action plan to prevent human-wildlife conflict while promoting wildlife-based… pic.twitter.com/Hjj6L2wq81
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 24, 2026
उन्होंने कहा, कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और स्थानीय लोगों की आजीविका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए वन्यजीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, कि मानव वन्यजीव संघर्ष के दौरान दूसरों को बचाने के लिए साहसिक प्रदर्शन करने वाले आम लोगों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, कि वन्य जीवों के हमले में मृत एवं घायल व्यक्ति और उसके परिवार को मानकों के अनुसार तय समय पर मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए, कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं में वन्यजीव संरक्षण संबंधी शर्तों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में राज्य में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में की गई प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान बताया गया, कि वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट प्लान तथा विभिन्न प्रस्तावों पर नियमानुसार स्वीकृतियां प्रदान की जा रही हैं।
इसके अलावा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) गठित करते हुए, कैमरा ट्रैप, ड्रोन, सर्प बचाव किट, सोलर लाइट जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत, निगरानी व्यवस्था तथा वन कर्मियों को आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बैठक में संरक्षित क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न विकास परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विचार करते हुए राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में गैस पाइपलाइन और अन्य राष्ट्रीय उद्यानों में सड़क, आईटीबीपी अवसंरचना तथा ऑप्टिकल फाइबर केबल जैसी जनहित की परियोजनाओं को आवश्यक शर्तों के अधीन राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति को अग्रसारित करने की अनुमति प्रदान की गई।
वहीं इस बैठक के बाद आयोजित राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, कि उत्तराखंड जैव विविधता एवं वन्यजीव संपदा की दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने कहा, कि राज्य में बाघ संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की सहभागिता, आधुनिक तकनीक का उपयोग तथा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए, कि वन्यजीव संरक्षण और विकास कार्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा, कि राज्य में वन्यजीव कॉरिडोरों का संरक्षण, कैमरा ट्रैप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी तथा वैज्ञानिक प्रबंधन को और मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन्यजीवों के प्राकृतिक जल स्रोतों एवं चारागाहों के विकास, वनाग्नि प्रबंधन तथा संवेदनशील क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, कि हरिद्वार कुंभ के दौरान मानव वन्य जीव संघर्ष रोकने के लिए क्यूआरटी टीम की तैनाती की जाए।
बैठक में कॉर्बेट एवं राजाजी टाइगर रिजर्व के लिए टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, पर्यावरण अनुकूल सफारी वाहनों को बढ़ावा देने, संरक्षित क्षेत्रों में कार्यरत फील्ड स्टाफ के लिए विशेष प्रोत्साहन तथा वन्यजीव अपराधों की प्रभावी जांच के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
