केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, (फोटो साभार : NDTV)
NEET-UG विवाद और दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे का ऐलान करते हुए परीक्षा सुधार, CBI जांच और CBT (Computer-based-test) व्यवस्था का उल्लेख करते हुए पद छोड़ने का कारण भी स्पष्ट किया।
ANI की एक्स पोस्ट के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं को संबोधित करते हुए अपने त्याग पत्र में लिखा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि जंतर-मंतर और देश भर की स्थिति का फायदा देश-विरोधी तत्व न उठा सकें, देश एकजुट रहे, और भारत के छात्र कानूनी मुश्किलों में न फंसें बल्कि अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान दें, मैंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।”
Union Education Minister Dharmendra Pradhan resigns.
"…To ensure that anti-national elements are not benefitted by the situation at Jantar Mantar and across the country, that the nation remains united, students in India do not get tangled in legal complexities and focus on… https://t.co/sbtiMMhrgp pic.twitter.com/DPdZwn8q7i
— ANI (@ANI) July 25, 2026
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में लिखा, “मैं पिछले चार दशकों से ज्यादा समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है, कि यह सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।
उन्होंने लिखा, “मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ है, उसके लिए मैं प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करता हूं।”
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में नीट पेपर का उल्लेख करते हुए लिखा, “चूंकि 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया। साथ ही पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी मोड में करने का निर्णय लिया गया।”
धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले 10 दिनों में घटित घटनाओं का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया, कि यह उनके व्यक्तिगत सम्मान का विषय नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। उन्होंने कहा, कि वह नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों और राजनीतिक टकराव में उलझे या उनका ध्यान पढ़ाई से भटके। इसी भावना के साथ उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया है।
त्याग पत्र के आखिर में धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी के मार्गदर्शन, मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, कि सार्वजनिक जीवन में आगे भी वह भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते रहेंगे।
