CM धामी ने शौर्य दिवस पर दी 'कारगिल शहीदों' को श्रद्धांजलि,(फोटो साभार : X@DIPR_UK)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार (26 जुलाई 2026) को देहरादून के गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कारगिल शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए उनके अद्वितीय त्याग, शौर्य और राष्ट्रसेवा को नमन किया।
इस अवसर पर सीएम धामी ने परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए अनुग्रह राशि डेढ़ करोड़ रुपये से बढ़ाकर ₹2 करोड़ करने की घोषणा की।
कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून स्थित शहीद स्मारक पर अमर शहीदों को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹1.50 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 करोड़ किए जाने की घोषणा की।
आदरणीय… pic.twitter.com/EIfrPVGMuP
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 26, 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का अमर प्रतीक है। 18 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर अत्यंत विषम परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने अद्वितीय वीरता, अटूट मनोबल और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया तथा विश्व के समक्ष भारत की सैन्य शक्ति और दृढ़ संकल्प का परिचय कराया।”
सीएम धामी ने अपने संबोधन में कहा, कि कारगिल युद्ध में देश के 527 वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर सपूत भी शामिल थे। उन्होंने कहा, कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि वीरभूमि भी है।
#WATCH | Dehradun: Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami says, "…It is a matter of immense pride for all of us that despite being a geographically small state, Uttarakhand boasts a legacy of over 1,929 gallantry medal winners. This number demonstrates the immense contribution… pic.twitter.com/JgsuKiSMJP
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 26, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की सुरक्षा नीति अधिक सशक्त, निर्णायक और आत्मविश्वास से परिपूर्ण हुई है। आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक आधारभूत संरचना का तीव्र विकास तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए गए प्रयास नए भारत की शक्ति के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा, कि वन रैंक-वन पेंशन, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक तथा सैनिक कल्याण से जुड़े अनेक ऐतिहासिक निर्णयों से देश के सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों का सम्मान बढ़ा है।
सीएम धामी ने कहा, कि राज्य सरकार भी वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा शहीद परिवारों के कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख की गई है। इसके साथ ही सभी वीरता पुरस्कार विजेताओं को दी जाने वाली एकमुश्त एवं वार्षिक सहायता राशि में भी ऐतिहासिक वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा, कि बलिदानी परिवारों के एक सदस्य के सरकारी सेवा में समायोजन हेतु आवेदन की समय सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करना, शहीद परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु सहायता, वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा तथा सेवारत एवं पूर्व सैनिकों को संपत्ति क्रय पर स्टाम्प शुल्क में छूट जैसी अनेक जनकल्याणकारी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
उन्होंने कहा, कि पूर्व सैनिकों की शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, कि सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों के जिला अदालतों में भूमि धोखाधड़ी के जो मामले पेंडिंग हैं, उनके शीघ्र निस्तारण के प्रयास किये जाएंगे।
सीएम धामी ने कहा, कि देहरादून के गुनियाल गांव में राज्य के ‘पांचवें धाम’ के रूप में सैन्य धाम का निर्माण अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा, कि राज्य के प्रत्येक शहीद के घर से लाई गई पवित्र मिट्टी से निर्मित यह सैन्य धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, त्याग और बलिदान का प्रेरणा-स्थल बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, कि राज्य सरकार अग्निवीरों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी ठोस कदम उठा रही है। सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए देश का पहला ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ गठित किया जा रहा है। साथ ही उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग तथा अन्य राज्य सेवाओं में उन्हें प्राथमिकता देने, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार, होमस्टे योजना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया, कि कारगिल के अमर शहीदों के त्याग, शौर्य और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर विकसित भारत तथा विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखण्ड के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा, कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं शहीद परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
