प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो साभार - एक्स/@narendramodi फाइल चित्र
दिल्ली में पेपर लीक को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच युवाओं और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा फैसला लिया है। पीएम मोदी ने ऐलान किया है, कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने और केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर कहा, “देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।”
पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट पर बताया है, कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में तुरंत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रधानमंत्री ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है, कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
Nothing is more important than the welfare and future of our youth!
We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कि सरकार विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा के लिए लगातार फैसले ले रही है। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट कहा, कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगी।
पीएम मोदी ने आगे कहा, कि सरकार चाहती है कि छात्रों का भरोसा परीक्षा व्यवस्था पर बना रहे। फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का मानना है, कि समय पर फैसला आने से पेपर लीक जैसे मामलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया पोस्ट को छात्रों और अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि पेपर लीक की घटनाएं लगातार युवाओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के बाद पेपर लीक के मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों की तुलना में तेजी से हो सकेगी।
बता दें, कि पेपर लीक के मुद्दे पर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले प्रदर्शन हो रहा है। बीते सोमवार को संसद मार्च के बाद आंदोलन और तेज हो गया। अब इस विरोध में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि कई राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हो रहे हैं।
