UPI के 10 वर्ष पुरे होने पर PM मोदी ने देशवासियों से अनुभव साझा करने को कहा (फाइल चित्र)
यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के मंगलवार को 10 साल पूरे हो गए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कि देश की इस डिजिटल भुगतान क्रांति पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। उन्होंने कहा, कि यूपीआई की शुरुआत भारत के डिजिटल भुगतान इतिहास में अब तक का सबसे निर्णायक क्षण साबित हुई है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, कि एक दशक पहले यूपीआई की शुरुआत हुई थी और यह भारत की डिजिटल भुगतान यात्रा में अब तक का सबसे निर्णायक फैसला साबित हुआ है। उन्होंने कहा, कि इसका व्यापक स्तर एवं पहुंच हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से यूपीआई के साथ अपने अनुभव साझा करने की अपील की। उन्होंने लोगों से यह बताने को कहा, कि यूपीआई के आने से उनके जीवन में किस तरह का बदलाव आया है और डिजिटल भुगतान ने रोजमर्रा के लेनदेन को कितना आसान बनाया है।
A decade ago, UPI was rolled out, marking a major turning point in India’s digital payments journey.
The sheer scale and reach of UPI are something every Indian must be proud of.
Tell me about your UPI experience and how it impacted your life… #10YearsOfUPI pic.twitter.com/Xtto6V6gpU
— Narendra Modi (@narendramodi) August 25, 2026
गौरतलब है, कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की नियामकीय निगरानी में 25 अगस्त, 2016 को यूपीआई की शुरुआत की थी। यूपीआई भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली की रीढ़ और वित्तीय समावेश का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है।
वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपीआई पर वार्षिक लेनदेन की संख्या बीते एक दशक में करीब 13,000 गुना बढ़ी है। वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई के जरिए 24,162 करोड़ लेनदेन हुए, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में यह संख्या 1.78 करोड़ थी। यूपीआई लेनदेन का कुल मूल्य भी इस दौरान तेजी से बढ़ा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 314 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में कुल लेनदेन मूल्य 0.07 लाख करोड़ रुपए था। यह एक दशक में करीब 4,000 गुना की वृद्धि को दर्शाता है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यूपीआई के बड़े पैमाने, भरोसे और इंटरऑपरेबिलिटी को दुनिया भर में पहचान मिली है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने लेनदेन की मात्रा के आधार पर यूपीआई को दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम माना है। 2025 तक दुनिया भर में हुए रियल-टाइम पेमेंट लेनदेन की मात्रा में यूपीआई की हिस्सेदारी करीब 49 फीसदी रही।
