खून की कालाबाजारी के आरोप 5 गिरफ्तार,(फोटो साभार: X@haridwarpolice)
रक्तदान को मानवता के लिए एक अमूल्य और पवित्र कार्य माना जाता है, लेकिन इसी बीच पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो ग्रामीण इलाकों में चैरिटी के नाम पर अवैध रक्तदान शिविर लगाते थे और इकट्ठा किए गए खून को अधिकृत ब्लड बैंकों में जमा करने के बजाय बेहद ऊंचे दामों पर बेच दिया करते थे।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार पुलिस ने अपने फायदे के लिए खून का अवैध धंधा करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 27 यूनिट खून, कई उपकरण और दो वाहन बरामद किए गए हैं। आरोपितों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
🚨🩸 खून के सौदागरों के खेल से हरिद्वार पुलिस ने उठाया पर्दा!
🔴 अवैध ब्लड डोनेशन कैंप का खुलासा, लक्सर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
❌ बिना अनुमति ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर लोगों को गुमराह कर एकत्रित कर रहे थे रक्त
👮♂️पुलिस ने 05 को दबोचा, 27 यूनिट रक्त एवं 27 खाली ब्लड बैग बरामद pic.twitter.com/bko4nPZ6eF
— Haridwar Police Uttarakhand (@haridwarpolice) August 17, 2026
लक्सर कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया, कि आस-पास के देहात में पिछले कुंछ दिनों से अवैध रूप से रक्तदान शिविर आयोजित करने की सूचना प्राप्त हो रही थी। मुखबिरों का तंत्र सक्रिय करने पर जानकारी सामने आई, कि संगठित गिरोह के रूप में खून का अवैध धंधा किया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अनित सैनी निवासी लक्सर, शुभम कुमार निवासी माड़ाबेला, खानपुर, दुष्यन्त कुमार निवासी आवास विकास, कोतवाली सदर बिजनौर, कावेन्द्र कुमार निवासी हरतला, मुरादाबाद और दया सिंह निवासी ग्राम इसमपुर ढाणा थाना गिनौर जनपद सम्भल उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है, कि आरोपित गांव-देहात में शिविर लगाकर ग्रामीणों को रक्तदान के लिए प्रेरित करते थे। रक्त को अधिकृत ब्लड बैंक तक पहुंचाने के बजाय उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था।
छापेमारी के दौरान स्विफ्ट व स्कॉर्पियो कार से 27 यूनिट खून और 27 खाली ब्लड बैग, चार ब्लड डोनर चेयर, डोनर फॉर्म बुक, वेट मशीन, अमृत चौरिटेबल ब्लड सेंटर के 28 प्रमाणपत्र, स्लाइड, हाथ मे बांधने वाली बेल्ट, वेट मशीन, ब्लड यूनिट मापने वाली वेट मशीन बरामद हुई हैं।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है, कि अवैध रूप से रक्तदान शिविर कहां-कहां आयोजित किये गए और गिरोह के पीछे कौन-कौन लोग हैं। पूछताछ में कुछ नाम भी सामने आए हैं। जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
