सुप्रीम कोर्ट (फोटो साभार: etvbharat)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने अंतरिम जमानत देने वाले तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश को पलटते हुए पवन खेड़ा को नोटिस भी जारी किया है, जिसका जवाब उन्हें 3 दिन के भीतर देना होगा। कोर्ट ने इस पर भी आपत्ति जताई है, कि जब प्रकरण असम का है, तो तेलंगाना हाई कोर्ट में जमानत याचिका क्यों दायर की गई?
बुधवार (15 अप्रैल 2026) को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा, कि पवन खेड़ा ने जाली दस्तावेज देकर तेलंगाना हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र का लाभ उठाने का प्रयास किया है। कोर्ट ने यह भी कहा, कि अगर पवन खेड़ा असम में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करते हैं, तो इस अदालत का आदेश का उस पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
STORY | SC stays Telangana HC order granting one-week transit anticipatory bail to Pawan Khera
In a setback to Congress leader Pawan Khera, the Supreme Court on Wednesday stayed the Telangana High Court order granting him one-week transit anticipatory bail in a case registered… pic.twitter.com/zBASHP87hy
— Press Trust of India (@PTI_News) April 15, 2026
सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार की उस याचिका पर सुनवाई की है, जिसमें पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी। बता दें, कि तेलंगाना हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा को एक हफ्ते की अग्रिम जमानत दी थी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा से जुड़ा है, जिन पर कांग्रेस ने तीन पासपोर्ट और विदेशी संपत्तियाँ होने के आरोप लगाए थे।
दरअसल, यह विवाद रविवार को पवन खेड़ा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शुरू हुआ था। असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर सनसनीखेज आरोप लगाने के बाद से ही कांग्रेसी नेता को असम पुलिस खोज रही हैं। पवन खेड़ा पर बीएनएस की 14 धाराओं के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया है, जिनमें मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश शामिल है।
