यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी भीषण आग, (फोटो साभार: (X@ETVBharatUK)
यमुना एक्सप्रेस वे पर स्लीपर बस में भीषण आग लग गई। इस घटना में करीब 9 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है, कि आग इतनी तेजी से फैली, कि यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। कई यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर बस से बाहर कूदकर जान बचाई। बस में करीब 40 से 50 यात्री सवार थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक बस में दुर्भाग्यपूर्ण अग्नि दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है।
मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।
प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 24, 2026
यह घटना यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे हुई, जो जेवर थाना क्षेत्र में आता है। बस में आग लगने के कारण नोएडा से आगरा जाने वाली लेन करीब दो घंटे तक बंद रही। जेवर टोल और फलैदा कट पर करीब 20 मिनट तक यातायात रोका गया।
पुलिस व फायर सर्विस यूनिट की टीम जब बस का पिछला हिस्सा काटकर बस के अंदर पहुंची, तो 9 लोग बस के अंदर जलने व दम घुटने के कारण मृत अवस्था में मिले। राहत और बचाव अभियान करीब दो घंटे चला। फिलहाल आग लगने का सही कारण अभी पता नहीं चल पाया है।
नोएडा पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बस के एसी में स्पार्क/ब्लास्ट होने के कारण बस के इंजन लुब्रिकेंट ऑयल में आग लगकर तेजी से फैल गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच में जुटी है। आग में यात्रियों का सामान और मोबाइल फोन भी जलकर राख हो गए।
हादसे में जिंदा बचे यात्रियों के मुताबिक, बस में आग लगने से पहले जलने जैसी गंध आ रही थी। यात्रियों ने चालक और परिचालक को इसकी सूचना दी। आरोप है, कि चालक ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यात्रियों से चालक ने कहा, कि बस में ऐसी बदबू आती रहती है। इसके बाद चालक और परिचालक केबिन में सिगरेट पीने लगे।
कुछ देर बाद चालक की सीट के पास से अचानक आग की लपटें निकलने लगी। आरोप है, यात्रियों द्वारा शोर मचाये जाने के बावजूद चालक ने तुरंत बस नहीं रोकी। देखते ही देखते बस के अंदर धुआं भरने लगा। जब यात्रियों ने शीशे तोड़ने शुरू किये, तब जाकर चालक ने बस रोकी और कई यात्री खिड़कियाँ तोड़कर बाहर कूद गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतकों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल बताए जा रहे हैं। आग इतनी विकराल थी, कि शव बुरी तरह जलकर कंकाल में तब्दील हो गए। कई शवों के अंग तक अलग हो गए। देर रात से करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शवों को बस की बॉडी काटकर बाहर निकाला गया।
हादसे में मारे गए यात्रियों की पहचान संभव नहीं हो पा रही है। पुलिस बस की टिकट बुकिंग की डिटेल के आधार पर यात्रियों के परिजनों से संपर्क कर रही है। परिजनों के डीएनए नमूने लेकर शवों से मिलान कराया जाएगा। हादसे की शिकार राज कल्पना ट्रेवल्स की बस दिल्ली से मोहबा जा रही थी।
