'मन की बात'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक ने दुनिया के सामने भारत की आतंक-रोधी नीति का एक नया उदाहरण पेश किया है।
सितंबर के आखिरी रविवार को अपने चर्चित रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा, कि देश कल यानी 28 सितंबर को इस स्ट्राइक की दसवीं वर्षगांठ मनाएगा। उन्होंने कहा, कि दुनिया यह देखकर हैरान रह गई थी, कि आतंकवाद के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के लिए किस तरह बहादुर भारतीय सैनिकों ने नियंत्रण-रेखा पार की थी।
उन्होंने कहा, कि आतंकी हमलों के कारण देश लंबे समय से दर्द झेल रहा था और सर्जिकल स्ट्राइक इसी का निर्णायक जवाब था। पीएम मोदी ने कहा, कि पिछले दशक में बालाकोट एयरस्ट्राइक से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तक भारत ने बार-बार यह संदेश दिया है, कि आतंकवादी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
Watch: In 138th Edition of Mann Ki Baat, Prime Minister Narendra Modi says, "Terrorist attacks have hurt Bharat for a long time. There was a time when serial blasts were a common occurrence in Bharat. In this very month of September, on 13th September 2008, many innocent citizens… pic.twitter.com/y1W2j6BP9S
— IANS (@ians_india) September 27, 2026
प्रधानमंत्री ने कहा, कि पहले देश में सिलसिलेवार धमाका आम बात थी। 13 सितंबर, 2008 को दिल्ली के सिलसिलेवार धमाकों में कई लोग मारे गए थे। इसके कुछ ही हफ्तों बाद मुंबई में 26 नवंबर का हमला हुआ, लेकिन अब भारत आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की नीति पर चल रहा है और इसका नतीजा सामने है।
प्रधानमंत्री ने कहा, कि अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 11 सितंबर को हुए आतंकी हमले की इस साल के 25वीं बरसी है। उन्होंने कहा, कि इस हमले में अमरीकी नागरिकों के बाद सबसे ज़्यादा भारतीय नागरिक ही पीड़ित हुए थे। पीएम मोदी ने कहा, कि उन्होंने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद अमेरिका यात्रा के दौरान उन निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी थी।
प्रधानमंत्री ने जनगणना के संबंध में कहा, कि इसका पहला चरण लगभग सभी राज्यों में पूरा हो गया है और 32 करोड़ से अधिक परिवारों का डेटा दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने बताया, कि लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के दूरदराज के और बर्फीले इलाकों में अभी काम चल रहा है।
पीएम मोदी ने कहा, कि इन इलाकों से कई प्रेरणादायक अनुभव सामने आए हैं। उन्होंने बताया, कि उत्तराखंड में जनगणना की शुरुआत चमोली के माणा गांव में 83 साल की पूर्णिमा रावत के साथ हुई। माणा को देश का पहला गांव माना जाता है। उत्तरकाशी के बागौरी गांव में होमस्टे चलाने वाले हरदेव सिंह राणा ने डिजिटल तरीके से अपना ब्योरा खुद दर्ज किया।
उन्होंने स्पष्ट किया, कि जनगणना सभी की राष्ट्रीय जिम्मेदारी है और लोग अपने मोबाइल से ही अपनी और अपने परिवार की जानकारी 17 भाषाओं में दर्ज करा सकते हैं। पीएम मोदी ने लोगों से ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in पर जानकारी देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में लगभग 20 मिनट लगते हैं और किसी दस्तावेज को अपलोड नहीं करना पड़ता।
प्रधानमंत्री ने कहा, कि आज विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल की सौवीं जयंती है। उन्होंने अपना पूरा जीवन संस्कृति, समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया। 27 सितंबर, 1926 को आगरा में जन्मे अशोक सिंघल ने समाज में रहते हुए भी एक तपस्वी जैसा जीवन जिया।
उन्होंने कहा, कि देश ने इस साल की शुरुआत ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व‘ के साथ की। उन्होंने बताया, कि महमूद गजनवी ने पहली बार 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर को नष्ट किया था, फिर भी यह मंदिर अपनी पूरी भव्यता के साथ खड़ा है। पीएम मोदी ने कहा, कि वर्ष 1026 ईस्वी में जब गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को नष्ट किया था, उसी साल गुजरात के मोढेरा में प्रसिद्ध सूर्य मंदिर को भी हमला कर नष्ट कर दिया गया था जिसे राजा भीमदेव ने 1025 में बनवाया था।
प्रधानमंत्री ने कहा, कि मोढेरा सूर्य मंदिर को बाद में अलाउद्दीन खिलजी ने भी नष्ट कर दिया था। हमारे लिए सूर्य प्रकाश, ऊर्जा, विज्ञान और निरंतरता की प्रेरणा का प्रतीक है, इसीलिए आज मोढेरा न केवल अपने सूर्य मंदिर के लिए जाना जाता है, बल्कि देश का पहला ‘सूर्य ग्राम’ यानी सोलर विलेज भी बन गया है।
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के मनप्पराई में अतीत से जोड़ने वाली एक अनूठी पहल की चर्चा भी की। इस प्रयास का नेतृत्व एक कॉलेज के तमिल अध्ययन विभाग से जुड़े ए. सेल्वाराजू कर रहे हैं। एक विद्यार्थी से कुछ प्राचीन मूर्तियों के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने वहां का दौरा किया तथा कई मूर्तियों और प्राचीन मंदिर की खोज की।
पीएम मोदी ने कहा, कि पर्यावरण संरक्षण से समग्र पारितंत्र मजबूत होता है और कई पहलें इस भावना को खूबसूरती से उजागर कर रही हैं। उन्होंने असम के सोनाई रूपई वन्यजीव अभयारण्य का उदाहरण दिया। पहले इस क्षेत्र में हाथी रहते थे, लेकिन वन-भूमि पर मानवीय हस्तक्षेप के कारण हाथी वहां से चले गए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की, कि अतिक्रमण हटाए जाने के बाद अब फिर से हाथी यहां लौट आए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने असम में पिग्मी हॉग को बचाने की पहल की जानकारी भी दी, जिसका अस्तित्व खतरे में था। जब इनके संरक्षण का काम शुरु हुआ, तब केवल छह पिग्मी हॉग बचे थे। उनके रहने के लिए घास के मैदान तैयार किए गए। संरक्षण के कारण अब इनकी संख्या 190 से अधिक हो गई है।
पीएम मोदी ने कहा, कि नशामुक्त युवा अभियान के तहत देश के लाखों युवाओं ने हाल ही में नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा की है और इसकी जानकारी दूसरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी ली है। उन्होंने कहा, कि यह अभियान सौ सप्ताह चलेगा। पीएम मोदी ने ‘नशा-मुक्ति का संदेश’ पहल की सराहना की। इसमें युवा अपनी भाषा और अपने तरीके से इस संदेश का प्रसार करते हैं।
प्रधानमंत्री ने ‘एक जिला एक उत्पाद’ के संबंध में कहा, कि आंवला, उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में नई संभावनाओं को जन्म दे रहा है। यहां के किसान पीढि़यों से आंवले की खेती करते आ रहे हैं। अब प्रतापगढ़ में आंवला प्रसंस्करण से जुड़ी करीब सौ इकाइयां हैं और इनमें स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं बड़ी भूमिका निभा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, कि इस महीने पूरी श्रद्धा और उत्साह से गणेश उत्सव मनाया गया। थाईलैंड के पंथौन थीरखानोन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, कि भगवान गणेश के लिए अपार श्रद्धा विदेश में भी है। वहां भगवान गणेश की पूजा फ्रा फिकानेत के रूप में की जाती है। जब पंथौन थीरखानोन 19 वर्ष के थे तब उनके पिता ने उन्हें भगवान श्री गणेश का एक चित्र भेंट किया था।
