कमर्शियल LPG सिलिंडर
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। तेल विपणन कंपनियों ने मई की शुरुआत के साथ ही 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 993 रुपये बढ़ा दी है। इस फैसले के बाद सिलेंडर की कीमत 3,071.50 रुपये हो जाएगी। कीमतों में बढ़ोतरी का असर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ने की आशंका है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक्स पोस्ट के मुताबिक, सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने स्पष्ट किया है, कि देश के करीब 33 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आईओसीएल ने बताया, कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
STORY | Commercial LPG price hiked by Rs 993 per 19-kg cylinder
The price of commercial LPG was hiked by the steepest ever Rs 993 per 19-kg cylinder on Friday, marking the third straight monthly increase due to rising global energy prices linked to the West Asia conflict.
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— Press Trust of India (@PTI_News) May 1, 2026
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ ही 1 मई 2026 से LPG गैस की बुकिंग और डिलीवरी को लेकर नए नियम भी लागू कर दिए गए हैं। अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी पूरी तरह OTP आधारित होगी। उपभोक्ता जब भी सिलेंडर बुक करेगा, उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा, जिसे डिलीवरी के समय एजेंट को बताना अनिवार्य होगा।
जानकारी के अनुसार, एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के अंतराल को लेकर भी नियमों में बदलाव किया गया है। शहरी क्षेत्रों में अब एक बुकिंग के बाद अगली बुकिंग के लिए 25 दिन का इंतजार करना होगा, जो पहले 21 दिन था। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह अवधि 45 दिन तक रखी गई है। वहीं तय वक्त से पहले बुकिंग करने का प्रयास करने पर सिस्टम स्वयं ही उसे अस्वीकार कर देगा।
उल्लेखनीय है, कि 28 फरवरी के बाद से यह तीसरी बार है जब कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले मार्च की शुरुआत में करीब 115 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी, इसके बाद 1 अप्रैल को लगभग 200 रुपए की वृद्धि दर्ज की गई, और अब एक बार फिर 993 रुपए का बड़ा इजाफा किया गया है।
वहीं तेल कंपनियों ने यह भी संकेत दिया है, कि अब प्रत्येक माह की पहली तारीख को गैस की कीमतों और नियमों की समीक्षा की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को समय-समय पर बदलाव देखने को मिल सकते है।
