देहरादून के परेड ग्राउंड में महिला जन आक्रोश रैली का आयोजन
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने में बाधा डालने के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा का महाआक्रोश अभियान शुरू हो गया है। परेड ग्राउंड में आयोजित जन आक्रोश महिला पदयात्रा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता पहुंची।
जन आक्रोश महिला पद यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। सीएम धामी ने कहा, कि जब पूरे देश की नजर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर थी, तब कांग्रेस और उसके नेताओं का रवैया महिलाओं के सम्मान के विपरीत था। उन्होंने कहा, कि विपक्ष का व्यवहार ऐसा था मानो महिलाओं के अधिकारों पर चोट को भी वो अपनी जीत मान रहे हो।
सीएम धामी ने अपने संबोधन में कहा, “प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में पहुंची मातृशक्ति की सहभागिता ने यह स्पष्ट कर दिया है, कि नारी सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर उत्तराखंड की महिलाएं पूरी मजबूती के साथ एकजुट हैं।”
"नारी शक्ति का अपमान, कांग्रेस की पहचान!"
देहरादून के परेड ग्राउंड में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने में बाधा डालने के विरोध में आयोजित महिला जन आक्रोश रैली में सम्मिलित हुआ। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में पहुंची… pic.twitter.com/zOidvr0vCI
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) April 24, 2026
उन्होंने कहा, कि कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “नारी शक्ति का अधिकार छीनकर कांग्रेस जीत का जश्न मना रही है, यह उनकी महिला विरोधी सोच को प्रदर्शित करता है। कांग्रेस पार्टी का 60 वर्षों तक देश में शासन रहा है लेकिन कांग्रेस सरकार में कभी भी महिलाओं को उनका हक नहीं दिया गया।”
नारी शक्ति का अधिकार छीनकर कांग्रेस जीत का जश्न मना रही है, यह उनकी महिला विरोधी सोच को प्रदर्शित करता है। pic.twitter.com/kQtTl9KVoY
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) April 24, 2026
सीएम धामी ने कहा, कि मातृशक्ति द्वारा निकाली गई विशाल पदयात्रा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध में खड़ी कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगियों को चेतावनी है, जिसका परिणाम विरोधियों को आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा, कि कांग्रेस में महिला सशक्तिकरण केवल एक परिवार तक सीमित है, अगर इंदिरा गांधी नेहरू परिवार से न होतीं तो उन्हें वो अवसर शायद ही मिलता।
मुख्यमंत्री धामी आरोप लगाया, कि कांग्रेस सामान्य परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाने के बजाय केवल अपने परिवार की महिलाओं को ही आगे लाने की राजनीति करती रही है। उन्होंने कहा, कि एक ओर संसद में महिला आरक्षण का विरोध किया गया। जबकि, दूसरी ओर अब प्रदेश में दिखावे के लिए आंदोलन किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे जनता को गुमराह करने का प्रयास बताया।
संबोधन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पदयात्रा भी निकाली गई। जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को लेकर कांग्रेस के खिलाफ नागरिकों में आक्रोश भी देखने को मिला। महिलाओं ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की नीतियों का विरोध करते हुए नारी सम्मान के समर्थन में सशक्त संदेश दिया।
