सांकेतिक चित्र
केंद्र सरकार ने कैंसर के महंगे इलाज से जूझ रहे मरीजों को राहत देने के लिए 543 कैंसर दवाओं की कीमतों में 93 फीसदी तक भारी कटौती की है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी ने 137 नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं के लिए संशोधित एमआरपी जारी की है। संशोधित कीमतें 9 नवंबर से लागू होंगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोदी सरकार ने आमजन के हित में 137 नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को सही करने का अहम फैसला लेते हुए कीमतों में बड़ा बदलाव किया है। इस पहल का मकसद बहुत ज्यादा ट्रेड मार्जिन को कम करना और मरीजों को जरूरी कैंसर दवाओं तक बेहतर पहुंच देना है।
इस फैसले के बाद आरपीजी लाइफ साइंसेज की बनाई एनास्ट्रोजोल 1 mg टैबलेट, जो एनार्ज़ोल ब्रांड नाम से बिकती है, 10 टैबलेट के पैक की कीमत 695.76 रुपये से घटकर 73 रुपये हो जाएगी। इसी प्रकार डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज की बनाई एजासिटिडाइन इंजेक्शन (एज़ासिटिन) की कीमत 6,337 रुपये से घटकर 1,495.04 रुपये हो जाएगी।
National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA) has released revised Maximum Retail Prices (MRPs) for 543 brands of anti-cancer medicines, effective from 9 November.
The list will be updated as manufacturers submit revised prices of non-scheduled anti-cancer drugs.
Several key anti-cancer brands have seen significant price reductions, according to the Ministry of Chemicals and Fertilizers.
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— All India Radio News (@airnewsalerts) October 29, 2026
यह बड़ी कटौती मुख्य रूप से उन जेनेरिक और बायोसिमिलर दवाओं पर हुई है, जिनमें बिचौलियों या अस्पतालों द्वारा अत्यधिक मुनाफा कमाया जा रहा था। बता दें, कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कैंसर की दवाओं पर अस्पतालों की मनमानी पर फटकार लगाई थी। हालांकि, अभी भी कई महंगी दवाओं के दाम में कमी नहीं आई है।
दरअसल, कैंसर की कई नई और बेहद महंगी दवाओं की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बताया जा रहा है, कि फेफड़ों के कैंसर में इस्तेमाल होने वाली ओसिमर्टिनिब की 30 गोलियों का पैक अभी भी 4.16 लाख रुपए का रहेगा। इससे कई मरीज आर्थिक तंगी के चलते पूरा इलाज नहीं करा पाते।
