चलती कार से खिलौना पिस्टल लहराना पड़ा भारी, (फोटो साभार: X@DehradunPolice)
उत्तराखंड में अपराधियों पर लगाम लगाने की कवायद लगातार जारी है। इस बीच देहरादून में तमंचा लहराकर दबंगई दिखाने वाले कार सवार युवकों को पुलिस ने कड़ा सबक सिखाया है। पुलिस ने ये एक्शन एक वीडियो वायरल होने के बाद लिया, जिसमें युवक कार में बैठकर तमंचा लहराता नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, राजपुर रोड पर चलती कार से तमंचा लहराकर रौब झाड़ना तीन युवकों को भारी पड़ गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार की पहचान कर उसमें सवार तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में वीडियो में दिख रहा हथियार खिलौना पिस्टल निकला, जिसे युवक दशहरा मेले से खरीदकर लाए थे।
मामला कोतवाली डालनवाला क्षेत्र का है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्विफ्ट डिजायर कार में सवार एक युवक कार से बाहर पिस्टल लहराता दिखाई दे रहा था। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना का संज्ञान लेते हुए एसएसपी देहरादून ने पुलिस को संबंधित युवकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
रौब झाड़ने के शौक ने खिलाई हवालात की हवा
राजपुर रोड में सरे राह कार से तमंचा लहराने वाले 03 युवकों को पुलिस ने लिया हिरासत में
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल
वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर एसएसपी देहरादून द्वारा वैधानिक कार्यवाही के दिए थे निर्देश https://t.co/6do9PAy8PK— Dehradun Police Uttarakhand (@DehradunPolice) October 23, 2026
मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए डालनवाला पुलिस ने वायरल वीडियो में दिखाई दे रही कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर वाहन स्वामी का खोज निकला और आरोपित युवकों को थाने लाकर पूछताछ की। जांच में सामने आया, कि वीडियो में दिखाई दे रही पिस्टल असली तमंचा नहीं, बल्कि खिलौना थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपित युवकों की पहचान शशांक कुमार और अक्षय कुमार निवासी डीएल रोड, डालनवाला और अर्पित गुप्ता निवासी सीमेंट रोड, डालनवाला के रूप में हुई है। पुलिस इस मामले में संबंधित युवकों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
पुलिस ने चेतावनी दी, कि इस तरह का व्यवहार करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दून पुलिस ने आमजन से सोशल मीडिया पर रील बनाने और लोकप्रिय होने के लिए इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकतें नहीं करने की अपील की है।
पुलिस का कहना है, कि खिलौना पिस्टल होने के बावजूद सार्वजनिक सड़क पर उसे इस तरह लहराने से लोगों में भ्रम और भय की स्थिति पैदा हो सकती थी।
