सांकेतिक चित्र, (फोटो साभार: freepik.com)
हरिद्वार से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को तार-फिर कर दिया है। दरअसल, क्षेत्र में दो मासूम बच्चियों को लावारिस छोड़ने के मामले सामने आए है।
रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में भगत सिंह चौक के पास कूड़े के ढेर में करीब सात दिन की नवजात बच्ची मिली, जबकि नगर कोतवाली क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस के पास करीब एक साल की बच्ची लावारिस हालत में मिली है।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार में कूड़े के ढेर में नवजात बच्ची को मरने के लिए छोड़ दिया गया। कूड़े के ढेर से बच्ची के रोने की आवाज सुनकर राहगीर रुक गए। पास जाकर देखा, तो वहां करीब सात दिन की नवजात बच्ची पड़ी थी। सड़क किनारे पड़े मासूम बच्चे को देखकर आसपास लोगों की भीड़ जुट गई।
इस दौरान समाजसेवी वंदना गुप्ता ने बच्ची को गोद में उठाया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने 108 एंबुलेंस की मदद से बच्ची को महिला अस्पताल पहुंचाया। नवजात को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
वहीं, नगर कोतवाली क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस के पास करीब एक साल की दूसरी बच्ची लावारिस हालत में मिली। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने बच्ची को संरक्षण में लेकर मेडिकल जांच के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस बच्ची के परिजनों के बारे में जानकारी जुटा रही है। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की बारीकी से जांच में जुट गई है।
एसपी सिटी दीपक सिंह ने बताया, कि नवजात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिस स्थान से बच्ची मिली है, वहां आसपास के सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा रहे हैं। नगर कोतवाली के पास लावारिस अवस्था में मिली एक साल की बच्ची को चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम की निगरानी में रखा गया है।
