65 साल के वहशी भीमराव कांबले को फांसी की सजा, (फोटो साभार: NDTV)
पुणे की स्पेशल कोर्ट ने तीन साल की बच्ची से रेप और हत्या के दोषी 65 वर्षीय भीमराव कांबले को फांसी की सजा सुनाई है। यह जघन्य वारदात 1 मई 2026 को नसरापुर गांव में हुई थी, जिसमें आरोपित ने बच्ची को बहाने से अपने साथ ले जाकर दुष्कर्म के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी।
अदालत ने मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ बताते हुए कहा, कि अपराध की क्रूरता, आरोपी का आपराधिक इतिहास और पीड़िता की असहाय स्थिति मौत की सजा को उचित ठहराती है। कोर्ट ने कहा, “इस जघन्य और घिनौनी वारदात के लिए उम्रकैद की सजा काफी नहीं है। इसके लिए फांसी की सजा भी छोटी है लेकिन कोर्ट के पास देने को इससे बड़ी सजा नहीं।”
Nasrapur Minor Girl Rape and Murder Case | A special court in Pune awarded death penalty to a 65 year old man, Bhimrao Kambale for raping and murdering a Pune based 3-year-old girl in Nasrapur village of Pune district. The incident took place on May 1, 2026 and the whole case was… pic.twitter.com/m1EejlhDqG
— ANI (@ANI) June 29, 2026
स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज एसआर सालुंके ने कहा, कि दोषी भीमराव कांबले फांसी का पात्र है। कोर्ट ने पूरी सुनवाई में दोषी की बर्बरता का उल्लेख किया। कोर्ट ने फाइनल ऑर्डर में कहा, “हत्या, रेप और पॉक्सो अधिनियम के तहत उसे मृत्युदंड मिला है।”
कोर्ट के निर्णय का प्रमुख हिस्सा पढ़ते हुए जज सालुंखे ने कहा, कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य अभियोजन पक्ष के आरोपों को पूरी तरह सिद्ध करते हैं और मामले में दोषी के खिलाफ गंभीर परिस्थितियां स्पष्ट रूप से स्थापित होती हैं। जज ने कहा, ‘यह अपराध अत्यंत घिनौने और अमानवीय तरीके से किया गया। पीड़िता एक मासूम और पूरी तरह असहाय बच्ची थी।
जज सालुंखे ने कहा, “बच्ची की हत्या केवल अपनी हवस पूरी करने के लिए की गई, जो नैतिक पतन की पराकाष्ठा को दर्शाती है। यह बिना किसी उकसावे के, पूरी तरह सुनियोजित और ठंडे दिमाग से किया गया अपराध था। इसकी क्रूरता ने न केवल न्यायपालिका बल्कि पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर दिया है।”
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, भीमराव कांबले ने पुणे जिले के नासरापुर गांव में 3 साल की बच्ची को स्नैक्स देने और नवजात बछड़ा दिखाने का लालच देकर अपने साथ ले गया। इसके बाद वह उसे मवेशियों के बाड़े के पास बने एक शेड में ले गया, जहां उसने बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न और अप्राकृतिक कृत्य किया।
इसके बाद बच्ची का मुंह दबाकर और छाती पर गंभीर चोट पहुंचाकर उसकी हत्या कर दी। जैसे ही अदालत ने मौत की सज़ा का ऐलान किया, कोर्ट में मौजूद पीड़ित परिवार फूट-फूटकर रो पड़ा। नासरापुर गांव का यह प्रकरण प्रदेश के न्यायिक इतिहास में तेज ट्रायल वाला पहला मामला बन गया है।
अपराध के बाद पुलिस ने तत्काल आरोपित भीमराव कांबले को गिरफ्तार करने के साथ तेजी से जांच शुरू कर दी थी। पूरी जांच 14 दिनों में हो गई और सभी सबूतों, डीएनए रिपोर्ट और मेडिकल रिपोर्ट को शामिल करते हुए 1,100 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई।
इसके बाद, कोर्ट ने दिन प्रतिदिन और ‘इन-कैमरा’ सुनवाई की। इस दौरान 125 गवाहों में से 55 से जिरह की गई। मौत की यह सजा अपराध होने के महज सवा महीने के अंदर सुनाई गई। इस तरह नासरापुर यौन उत्पीड़न का मामला राज्य के न्यायिक इतिहास में फास्ट-ट्रैक ट्रायल के जरिए खत्म होने वाला पहला केस बन गया है।
उल्लेखनीय है, कि मामले में सोमवार को फैसला सुनाए जाने के दौरान पुणे जिला और सत्र न्यायालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया था। सजा सुनाए जाने के समय पीड़ित के परिवार वाले कोर्टरूम में उपस्थित थे। जब फैसला सुनाया गया, तो वे भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक पाए।
