सांकेतिक चित्र
सीमांत जिले पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट निवासी युवक के साथ जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने का प्रकरण सामने आया है। आरोप है, कि दिल्ली निवासी यास्मीन ने सनातन में आस्था का ढोंग रचाकर पिथौरागढ़ के विवेक सिंह से पहले शादी रचाई। उसके बाद अपना असली रंग दिखाकर अपने पति पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगी।
जानकारी के अनुसार, यास्मीन और उसके परिवार के चंगुल से निकलकर विवेक ने इस मामले में पुलिस को शिकायत भी दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पत्नी, सास ससुर समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्जकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पिथौरागढ़ के बोकटा गांव निवासी विवेक सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया, कि वह दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। करीब छह साल पहले उसकी मुलाकात दिल्ली की ब्रजपुरी निवासी यास्मीन से हुई। विवेक ने बताया, कि यास्मीन खुद को सनातन धर्म में आस्था रखने वाली बताती थी और मंदिरों में भी जाती थी।
हालांकि विवेक ने उसके मुस्लिम होने पर उससे विवाह से इनकार कर दिया था। आरोप है, कि इसके बाद दिल्ली निवासी यास्मीन के अब्बा साकिर अली, माँ सज्जो बानो और अन्य परिजनों ने उसे भरोसा दिलाया, कि विवाह हिंदू रीति-रिवाजों के मुताबिक होगा। विवेक का कहना है, कि 24 मार्च 2020 को उसका और यास्मीन का हिंदू रीति से विवाह भी हो गया।
लेकिन बाद में विवेक को पता चला, कि यास्मीन के स्वजन ने एक फर्जी निकाहनामा भी तैयार कराया था। वर्ष 2022 में विवेक और यास्मीन को बेटा हुआ, तो उसका गुपचुप तरीके से खतना करा दिया और नाम बदलने के दस्तावेज भी तैयार कराए। फिर धीरे-धीरे यास्मीन, साकिर अली, सज्जो बानो, परवेज व फिरोज समेत अन्य लोगों ने उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाया।
विवेक ने दावा किया, कि उसके ससुराल वालो ने हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणीयां भी की और उसे लगातार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस दौरान विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। आरोप है कि 14 अप्रैल और पांच मई 2026 को उसके साथ मारपीट की गई।
पीड़ित ने बताया, कि बढ़ते दबाव और उत्पीड़न के बीच वह 8 मई को अपने बेटे के साथ ससुरालवालों के चंगुल से छूटकर किसी तरह गंगोलीहाट पहुंचा। इसके बाद भी आरोपितों ने पीछा नहीं छोड़ा और फिरोज उसके घर तक पहुंच गया और धर्म न बदलने पर परिवार को जान से मारने और बच्चे को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।
इस मामले के पीछे संगठित रूप से धर्म परिवर्तन कराने वाले नेटवर्क की भूमिका का संदेह जताते हुए विवेक ने सभी आरोपितों व उनके सहयोगियों के वित्तीय स्रोतों की जांच कराये जाने की मांग की है। तहरीर में विवेक ने अपनी पत्नी यास्मीन और ससुराल पक्ष पर धर्मांतरण का दबाव बनाने, बच्चे से मारपीट करने, खतना कराने व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप लगाए है।
पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने कहा है, कि गंगोलीहाट का युवक और दिल्ली की युवती है, ये मामला दो अलग महजबों का है। पांच-छह साल पहले इनकी शादी हुई थी। शादी के बाद बच्चा भी हुआ है। युवक ने जबरन धर्मांतरण समेत अन्य कई आरोप लगाए है। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
कोतवाल कैलाश जोशी का कहना है, कि तहरीर के आधार पर दिल्ली निवासी साकिर अली, यास्मीन, सज्जो बानो, परवेज व फिरोज के विरुद्ध मारपीट, गालीगलौज, कूटरचना व मतांतरण के लिए उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत प्राथमिकी कर ली गई है। मामले के सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
