सांकेतिक चित्र, (फोटो साभार: Gemini Canvas /canva) AI
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान वर्दी पहनकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के मंच से इस्तीफा लहराने वाले सस्पेंड कॉन्स्टेबल शेर सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट किया है, विभाग में अनुशासन, सत्यनिष्ठा और सेवा आचरण के मानकों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
न्यूज एजेंसी एएनआई की एक्स पोस्ट के अनुसार, उपलब्ध अभिलेखों, विभागीय जांच एवं प्रासंगिक तथ्यों के परीक्षण के उपरांत यह पाया गया, कि शेर सिंह का आचरण उत्तराखंड पुलिस अधिनियम, 2007 के अंतर्गत गंभीर अवचार एवं दुराचार की श्रेणी में आता है जो उत्तराखंड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन है।
Uttarakhand | Pithoragarh Superintendent of Police Akshay Prahlad Konde says, "Constable Sher Singh is dismissed from service with immediate effect after disciplinary proceedings were initiated under the Uttarakhand Police Act, 2007, following his participation in a protest…
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) August 5, 2026
एसपी अक्षय प्रह्लाद सिंह ने कहा, कि विभाग के खिलाफ गलत आचरण अपनाने और आपराधिक इतिहास को देखते हुए उन्हें बर्खास्त किया गया है। बर्खास्त पुलिस जवान शेर सिंह पिथौरागढ़ जिले में आरक्षी के पद पर तैनात था। वह पहले से निलंबित चल रहा था।
पिथौरागढ़ एसपी ने बताया, कि कांस्टेबल शेर सिंह 28 जून से पिथाैरागढ़ से अनुपस्थित था। इस संबंध में विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद 20 जुलाई को उसे सस्पेंड कर दिया गया था। निलंबित कांस्टेबल का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। शेर सिंह प्रवीण वाल्मीकि गैंग से जुड़े भूमि कब्जा मामले में आरोपित है।
शेर सिंह पर हरिद्वार के गंगनहर थाने में केस दर्ज है। जांच में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और भूमि कब्जे जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए थे। इसी मामले में सितंबर 2025 को शेर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। कई महीने जेल में रहने के बाद वह जमानत पर बाहर आया था।
