फायरिंग और रिटायर्ड ब्रिगेडियर हत्याकांड मामले में चार गिरफ्तार, (फोटो साभार: @DehradunPolice)
राजधानी देहरादून में सोमवार 30 मार्च की सुबह राजपुर थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में जेन-जी क्लब का मालिक संदीप और मुख्य आरोपी आदित्य भी शामिल है। बताया जा रहा है, कि चार आरोपी अभी फरार चल रहे है, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, सोमवार 30 मार्च को सुबह करीब 6:50 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को जोहड़ी गांव में फायरिंग की सूचना मिली थी। घटना की सूचना पर देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल, एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे।
राजपुर क्षेत्र में हुई हत्या की घटना का #दून_पुलिस ने किया खुलासा,
घटना में शामिल दोनो पक्षों के 04 अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार,
आपसी विवाद के चलते हुई फायरिंग की घटना को अभियुक्तों द्वारा रोड रेज की घटना दिखाने का किया था प्रयास, pic.twitter.com/QIhV94oTJG
— Dehradun Police Uttarakhand (@DehradunPolice) March 30, 2026
घटना के संबंध में जानकारी जुटाने पर पता चला, कि फायरिंग की घटना में सड़क पर मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी (उम्र 74 वर्ष, पुत्र गिरीश चंद्र जोशी, निवासी तुला अपार्टमेंट जोहड़ी गांव, राजपुर देहरादून) को गोली लग गई। उनके साथी उन्हें तत्काल उपचार के लिए मैक्स अस्पताल लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
उधर, घटना के संबंध में मृतक मुकेश कुमार जोशी के साडू भाई राकेश कुमार उप्रेती ने पुलिस में तहरीर दी। जिसके आधार पर थाना राजपुर पर मुकदमा दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए तत्काल अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। साथ ही पूरे जिले में नाकेबंदी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
घटना के संबंध में जानकारी जुटाने के बाद पुलिस द्वारा फार्च्यूनर कार में सवार युवक रोहित कुमार और अखलाक को पूछताछ के लिए चौकी लाया गया। उन्होंने पहले वाहन को पास न देने को लेकर हुई रोड रेज की घटना दिखाने का प्रयास किया, लेकिन यह बात पुलिस के गले नहीं उतरी। जब पुलिस ने दोनों युवकों से सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने सच उगल दिया।
उन्होंने बताया, कि वो दोनों कुठालगेट स्थित जेन-जी क्लब में काम करते है। बीती 29 मार्च की रात बार में आए शांतनु, आदित्य, कविश त्यागी और अन्य साथियों का बार में काम करने वाले युवक मोहित के साथ बिल कम करने को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के दौरान रोहित और अखलाख ने आदित्य चौधरी के वाहन स्कार्पियो का पिछला शीशा फोड़ दिया था।
इस घटना के बाद आदित्य चौधरी और उसके साथी उन्हें देख लेने की धमकी देकर मौके से चले गए। रात में हुए विवाद के दौरान रोहित और अखलाख का मोबाइल व चार्जर बार में ही छूट गए थे, जिन्हें लेने के लिए वो बार मालिक संदीप कुमार की फार्च्यूनर कार से बार तक गए। इस दौरान आदित्य चौधरी और उसके साथियों ने उन्हें कार में जाता देखकर मौके पर रोकने का प्रयास किया।
फार्च्यूनर कार के नहीं रुकने पर आरोपियों ने अपने स्कार्पियो वाहन से उनका पीछा किया और दोनो पक्षों के बीच आपसी फायरिंग शुरू हो गई। इसी बीच जोहड़ी गांव के पास फार्च्यूनर कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। स्कार्पियो कार में सवार बदमाशों के पास आटोमैटिक पिस्टल होने के कारण रोहित और अखलाख मौके पर अपने साथियों को छोड़कर जंगल की ओर भाग गए।
फायरिंग की घटना में राह चलते व्यक्ति मुकेश जोशी को गोली लगने और मौके पर पुलिस के आ जाने के कारण दोनों आरोपियों ने अपने पास रखे तमंचों व कारतूस को पास की झाड़ियों में फेंक दिया। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने रोहित और अखलाख को मौके से गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर जोहड़ी गांव में सड़क किनारे झाड़ियों से 2 देसी तमंचे और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए है।
आरोपियों को घटना में इस्तेमाल तमंचे उपलब्ध कराने पर बार के मालिक संदीप कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। साथ ही आरोपी संदीप के ZEN Z क्लब को बंद कराते हुए उसे सील कर दिया है। पुलिस द्वारा लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है। साथ ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिशें दे रही है।
वहीं आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सामने आए स्कार्पियो वाहन सवार लोगों की तलाश के लिए पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। जिसके तहत घटना में इस्तेमाल स्कार्पियो वाहन को डोईवाला क्षेत्र में थानो रोड के पाद जंगल से बरामद किया गया। साथ ही घटना में शामिल एक आरोपी आदित्य चौधरी को ननूरखेडा, रायपुर से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी आदित्य चौधरी ने बताया, कि 29 मार्च की रात वो अपने अन्य साथियों शांतनु त्यागी, कविश त्यागी, समीर चौधरी, वैभव और एक अन्य साथी के साथ ZEN Z बार में गया था। जहां बिल कम करने को लेकर उनका बार में काम करने वाले युवकों से झगड़ा हो गया। इसी बीच बार में काम करने वाले युवकों ने उनके स्कार्पियो वाहन का शीशा तोड़ दिया।
वहीं 30 मार्च की सुबह कुठालगेट क्षेत्र में अपने साथियों के साथ घूमने के दौरान उन्हें फार्च्यूनर कार में बार में काम करने वाले युवक दोबारा दिखाई दिए, जिन्हें सबक सिखाने के लिए उन्होंने फार्च्यूनर रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने अपने वाहन को मालसी से जोहड़ी गांव की ओर तेजी से भगा दिया।
फार्च्यूनर कार का पीछा करने के दौरान उसके साथी शांतनु त्यागी ने उन्हें रोकने के लिए उनपर पिस्टल से फायर कर दिया। जिसके बाद फार्च्यूनर सवार युवकों ने भी उनके ऊपर तमंचों से जवाबी फायर का दिया। जोहड़ी गांव के पास फार्च्यूनर कार पेड़ से टकरा गई, जिस पर आरोपी आदित्य और उसके साथियों ने लोहे की रॉड और लाठी डंडों से फार्च्यूनर में बैठे 2 व्यक्तियों पर हमला कर दिया।
इस दौरान फार्च्यूनर सवार 2 अन्य लोग मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आरोपी देहरादून से बाहर भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की सघन चेकिंग के चलते वो जिले की सीमा से बाहर नहीं जा पाए। ऐसे में उन्होंने अपने स्कार्पियो को डोईवाला क्षेत्र में थानो रोड पर जंगल में एक एकांत स्थान पर छिपा दिया। वहां से वे अकेले-अकेले और अलग-अलग माध्यमों से फरार हो गए।
