भारतीय जहाज शिवालिक और नंदा देवी, (फोटो साभार: X@AsiaWarZone)
मीडिल ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष अब पंद्रहवें दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध संकट की वजह से देश भर में एलपीजी की किलल्त की खबरें सामने आ रही हैं। लोग रसोई गैस के लिए लंबी लाइनों में लगे है। हालांकि, पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच देश के लिए राहत भरी खबर भी सामने आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान ने जिन भारतीय ध्वज वाले दो लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस के टैंकरों से भरे जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने को मंजूरी दी थी, वे अब इस संवेदनशील रास्ते को पार कर चुके हैं और भारत की तरफ बढ़ रहे है। दोनों जहाजों के नाम शिवालिक और नंदा देवी हैं।
MEA ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया है, कि जल्द ही शिवालिक और नंदा देवी नाम के दो एलपीजी टैंकर भारत पहुंचने वाले है। MEA ने बताया, “शिवालिक ने होर्मुज स्ट्रेट पार कर लिया और नंदा देवी को भी इस तेल मार्ग से निकाल दिया गया है। शिवालिक 16 मार्च को मुंद्रा डॉक पर पहुंचेगा, जबकि नंदा देवी 17 मार्च को कांडला पहुंचेगा।
#WATCH | Delhi: MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, "Some ships destined for India have been able to cross through the Straits of Hormuz. Two Indian ships, Shivalik and Nanda Devi, crossed the Strait of Hormuz and are now headed to ports in India. Each of the ships is carrying… pic.twitter.com/6IJZwX91Rz
— ANI (@ANI) March 14, 2026
शिपिंग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, कि एलपीजी ले जा रहे भारत के झंडे वाले दो जहाज आज सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर गए। दोनों जहाज 92 हजार 700 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत आ रहे है। बता दें, कि दोनों जहाजों को आधिकारिक मंजूरी पिछले कुछ दिनों में भारतीय-ईरानी नेतृत्व के बीच हुई बातचीत के बाद दी गई थी।
वहीं पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया, कि देश भर में कालाबाजारी रोकने के लिए कई सयुंक्त टीमों का गठन किया गया है, जो कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने बताया, कि उत्तर प्रदेश में 1400 छापेमारी, 19 लोगों के खिलाफ मामला दायर किया गया है। वहीं ओडिशा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान में कई स्थानों पर छापेमारी की गई है।
