सांकेतिक चित्र
दिल्ली-एनसीआर में प्रापर्टी डिलिंग का काम करने वाली दीक्षा की हत्या मामले में मुस्लिम धर्म छिपाकर दोस्ती करने वाले अभियुक्त इमरान उर्फ ऋषभ को नैनीताल जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
जानकारी के अनुसार, 14 अगस्त 2021 को ऋषभ तिवारी उर्फ इमरान निवासी गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के साथ दीक्षा दो अन्य दोस्तों के साथ नैनीताल घुमने आए थे। उन्होंने मल्लीताल होटल गैलेक्सी में दो कमरे बुक किए, एक कमरे में ऋषभ उर्फ इमरान व दीक्षा ठहरे थे, जबकि दूसरे कमरे में उसके दोनों दोस्त रुके थे।
16 अगस्त की सुबह दूसरे कमरे में रुकी दीक्षा की दोस्त ने उसके मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन उसने कॉल नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने ऋषभ उर्फ इमरान को फोन किया, लेकिन उसका फोन भी स्विच आफ आया। दीक्षा के फोन में घंटी जा रही थी, लेकिन वो फोन रिसीव नहीं कर रही थी। इसके बाद उन्होंने होटल कर्मियों को सूचित किया।
होटल का कमरा खुलवाने पर दोस्तों ने देखा, कि दीक्षा नग्न अवस्था में बेड में पड़ी थी और कमरे में इमरान मौजूद नहीं था। काफी आवाज लगाने के बाद दीक्षा से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तफ्तीश के बाद ऋषभ उर्फ इमरान के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने अभियोजन तथ्यों को साबित करने के लिए 17 गवाह के बयान दर्ज कराए। इसके अलावा केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज पेश किए। अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद जिला जज की कोर्ट ने इमरान को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
मृतका की मां ने बताया, आरोपित ने धर्म छिपाकर अपना नाम ऋषभ तिवारी रख लिया और दीक्षा के साथ दोस्ती कर उसके घर आने-जाने लगा। इस दौरान इमरान ने दीक्षा के परिवार का भरोसा भी हासिल कर लिया। कोर्ट मे दीक्षा की बेटी ने बताया था, कि इमरान का उसके घर में आना जाना था। आरोपी दीक्षा का जन्मदिन मनाने के बहाने उसे नैनीताल ले आया।
बता दें, कि दीक्षा की 2008 में शादी हुई थी, हालांकि दो साल बाद उसका तलाक हो गया। इसके बाद वह पांच साल अन्य युवक के साथ लिव इन में रही थी। दीक्षा ऋषभ उर्फ इमरान के साथ भी लिव इन में रह रही थी। बताया जा रहा है, कि दीक्षा लिव इन में रहने के दौरान पूर्व प्रेमी से बात करती थी, जिस कारण दोनों की अनबन चल रही थी।
पुलिस के मुताबिक, नैनीताल में इमरान ने दीक्षा के मोबाइल पर पूर्व प्रेमी का मैसेज देख लिया, जिसके बाद दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ और उसने दीक्षा की गला दबाकर हत्या कर दी। परिजनों ने बताया, रियल स्टेट के काम के दौरान इमरान की दीक्षा से मुलाकात हुई थी। दीक्षा जिस कालोनी में रहती थी, वहां अधिकांश परिवार हिन्दू थे, इसलिए इमरान ने अपना नाम बदलकर ऋषभ कर लिया था।

