गंगा दशहरा पर धर्मनगरी हरिद्वार में उमड़ा जनसैलाब
गंगा दशहरा का पर्व ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि सोमवार (25 मई 2026) को पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा दशहरे पर स्नान के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। हरकी पैड़ी व अन्य घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने हर हर गंगे के जयकारों के साथ आस्था की डुबकी लगाई।
गंगा दशहरा के अवसर पर गंगोत्री धाम का आध्यात्मिक और दिव्य वातावरण श्रद्धालुओं को भावविभोर कर रहा है। मां गंगा के दर्शन और पावन स्नान के लिए सोमवार सुबह से ही गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर, भागीरथी घाट और आसपास का पूरा क्षेत्र ‘हर-हर गंगे’ तथा ‘जय मां गंगे’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
गंगा दशहरे को लेकर मान्यता है, कि इस दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। इसी उपलक्ष्य में गंगा दशहरा मनाया जाता है। इस दिन दान पुण्य करने का विशेष महत्व शास्त्रों में माना गया है। गंगा दशहरा पर मां गंगा के साथ देवी नारायण, शिव, ब्रम्हा, सूर्य, राजा भगीरथ और हिमालय पर्वत का भी पूजन करने की परंपरा है।
हर की पैड़ी, हरिद्वार में गंगा दशहरा स्नान पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
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— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) May 25, 2026
ऐसा माना जाता है, कि जो गंगा दशहरा पर गंगाजल या गंगा नदी में स्नान और दान करता है, उसके दस प्रकार के गंभीर पाप समाप्त हो जाते है। गंगा दशहरा पर हजारों भक्त प्रयगराज, गढ़मुकेश्वर, हरिद्वार, ऋषिकेश, वाराणसी, पटना और गंगासागर में डुबकी लगाते है और स्वयं को पवित्र करते हुए दान-पुण्य, उपवास, भजन एवं गंगा आरती का आयोजन करते है।
मां गंगा ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हस्त नक्षत्र में ही पृथ्वी पर उतरी थी, इसलिए हस्त नक्षत्र में पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य पूर्णत: सफल माने जाते है। गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र सुबह 4 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाएगा।
वहीं प्रशासन और पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन के खास इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए गए है। घाटों और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। गंगा घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
