दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली का भारत दौरा ( फोटो साभार- NDTV)
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर भारत आए हैं। बता दें, कि आठ साल बाद किसी दक्षिण कोरियाई नेता की यह पहली भारत यात्रा है, जिसे दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।
हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और साझा बयान जारी किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत यात्रा पर आए राष्ट्रपति ली का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। प्रेसिडेंट ली का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है।”
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, कि हर चुनौती ने उनके भीतर जनसेवा के संकल्प को और सशक्त किया है। भले ही यह उनकी पहली भारत यात्रा हो, लेकिन भारत के प्रति उनकी आत्मीयता हमारी पहली मुलाकात से ही स्पष्ट रही है। उन्होंने कहा, कि भारत और कोरिया का द्विपक्षीय व्यापार आज 27 बिलियन डॉलर यानी ₹2.85 लाख करोड़ तक पहुँच चुका है।
Addressing the joint press meet with President Lee Jae Myung of the Republic of Korea.@Jaemyung_Lee https://t.co/NpU97z4dzB
— Narendra Modi (@narendramodi) April 20, 2026
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “2030 तक इसे 50 बिलियन डॉलर यानी ₹4.65 लाख करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य है। आज हम अगले दशक की सक्सेस स्टोरीस की नींव रख रहे हैं। AI, सेमीकन्डक्टर और इनफार्मेशन टेक्नॉलजी में साझेदारी और प्रगाढ़ करने के लिए हम इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज लॉन्च कर रहें हैं। शिप बिल्डिंग, सस्टे-निबिलिटी, स्टील और पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में हम MOU कर रहे हैं।”
दक्षिण कोरियाई के साथ सांस्कृतिक और क्रिएटिव इंडस्ट्री मे आपसी सहयोग को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि हम फिल्म, एनिमेशन और गेमिंग में भी नए आयाम स्थापित करंगे। आज का बिजनेस फोरम इन अवसरों को परिणामों में बदलने का मंच बनेगा। उन्होंने कहा, कि भारत और कोरिया के बीच हजारों वर्ष पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं। 2000 साल पहले अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्ना और कोरिया के राजा किम-सुरो की कहानी हमारी विरासत है।
वहीं नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय में पूर्वी क्षेत्र के सचिव पी कुमारन ने बतया, कि दोनों नेताओं ने भारत-कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी में हुई समग्र प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने कहा, कि दोनों नेताओं ने व्यापार, वित्तीय सेवाएं, जहाज निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा, सेमीकंडटर, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी, रक्षा और सुरक्षा तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की। साथ ही दोनों नेताओं ने परस्पर हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की।
सचिव पी कुमारन ने कहा, कि भारत तथा दक्षिण कोरिया समुद्री सहयोग को सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा, कि शिपयार्ड को उन्न्त करने, कौशल को बढ़ावा देने और बंदरगाह तथा अवसरंचना को विकसित करने के लिए कोरिया की जहाज निर्माण कंपनी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किया गया है।
वहीं रक्षा सहयोग को लेकर कुमारन ने बताया, कि सरकार रक्षा हार्डवेयर, दूर संचार उपकरण के अधिक किस्मों की खरीददारी और दक्षिण कोरिया के साथ साइबर सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने को लेकर आशान्वित है। वैश्विक अनिश्चितता को लेकर विदेश मंत्रालय के सचिव ने कहा, कि दोनों देश शांति और सुरक्षा तथा बहुपक्षीय संस्थानों को सशक्त बनाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
