“नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026” का हुआ आगाज
चमोली जनपद की सुरम्य एवं सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीति घाटी में आज रविवार (31 मई 2026) को ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का भव्य शुभारंभ हुआ। पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना एवं आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित इस आयोजन में देश के 28 राज्यों से आए 933 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।
तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया।
“नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026” का हुआ आगाज —सीमान्त नीति घाटी में दौड़ेगा रोमांच का कारवां
पर्यटकों एवं खिलाड़ियों की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था हेतु चमोली पुलिस के व्यापक प्रबंध pic.twitter.com/O618tRdfJO
— Chamoli Police Uttarakhand (@chamolipolice) May 31, 2026
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने कहा, कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास और पर्यटन संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘फिट इंडिया’ मुहिम को सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना है।
जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया, कि ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का आयोजन 31 मई से 2 जून तक किया जाएगा। पहले दिन रिमखिम-नीति-मलारी 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 117 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं मलारी-नीति-मलारी 42 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 118 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।
उन्होंने बताया, कि आगामी दिनों में 5, 10 एवं 21 किलोमीटर की हॉफ मैराथन स्पर्धाओं का आयोजन किया जाएगा। समापन अवसर पर गमसाली से मलारी के मध्य 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
इससे पूर्व शनिवार रात्रि मलारी गांव में पर्यटन विभाग द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। लोकगायक किशन महिपाल ने अपने लोकप्रिय लोकगीतों की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभागियों एवं स्थानीय लोगों ने देर रात तक उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर भारतीय सेना, आईटीबीपी के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
