कृति सेनन का रक्षाबंधन विज्ञापन भारी बवाल सभी प्लेटफॉर्म से हटा, (फोटो साभार : IBC24News)
बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन का नाम इनदिनों एक रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर चर्चा में बना हुआ है। जिसमें कृति के कपड़ों को लेकर उन्हें खूब ट्रोल किया जा रहा है। अब खबर आ रही है, कि जिस कंपनी के लिए कृति सेनन ने ये विज्ञापन शूट किया था, उन्होंने विवाद के बाद इसे सभी प्लेटफॉर्म से हटा दिया है।
एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर मेकर्स ने एक बयान भी जारी किया है। हालांकि मशहूर ज्वैलरी कंपनी जीवा ने अपने बयान में कपड़ों का जिक्र नहीं किया है। जीवा ने अपने बयान में कहा, ”हम भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का बहुत सम्मान करते हैं।”
GIVA removes its Raksha Bandhan ad featuring actress Kriti Sanon.
GIVA — "We have the highest regard and deep respect for Indian culture, traditions and festivals. As a brand, we have always believed in celebrating these joyous moments with the entire family and this time we… pic.twitter.com/eTWv4Ax0uR
— ANI (@ANI) August 26, 2026
कंपनी ने आगे कहा, ”एक ब्रांड के तौर पर हम हमेशा पूरे परिवार के साथ खुशियों भरे पलों को मनाने में विश्वास रखते हैं। इस बार हम अपने पालतू जानवरों को भी इस प्यार और जश्न में शामिल करना चाहते थे। अगर हमारे हालिया विज्ञापन से अनजाने में समाज के किसी वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं, तो हमारा ऐसा कोई इरादा बिल्कुल नहीं था।”
बता दें, कि हाल ही में एक मशहूर ज्वैलरी कंपनी द्वारा कृति सेनन को राखी स्पेशल ऐड में फीचर किया गया। इस विज्ञापन में कृति व्हाइट कलर की ब्रालेट पहने हुए दिखाई दी। ऐड में वह एक युवक और पालूत कुत्ते को राखी बांधती दिखी। ऐसे में इस विज्ञापन में कृति द्वारा पहने गए कपड़े को लेकर बवाल मचा गया था।
कृति सेनन के हिंदू त्योहार रक्षाबंधन के विज्ञापन विवाद पर बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी टिप्पणी करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, कि आज इतने विकल्प होने के बावजूद कोई महिला बिकिनी या अंदरूनी कपड़ों जैसी ड्रेस पहनकर अपने भाई को राखी क्यों बांधेगी?
वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने विवादों में घिरी कृति सेनन का बचाव करते हुए मंगलवार को कहा था, कि अपनी स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने के लिए महिलाओं को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, कि महिलाओं का पहनावा, उनका काम और कहीं आने-जाने का फैसला उनका अधिकार है।