यात्रा मार्ग पर मांस और शराब ले जा रहे थे नेपाली नागरिक, (फोटो साभार: etvbharat)
देवभूमि उत्तराखंड स्थित चारधाम भारत के सबसे पवित्र और आध्यात्मिक तीर्थ स्थलों में से एक है। यह स्थान भक्ति, श्रद्धा और आस्था का सुंदर संगम है। हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थ यात्राओं में से एक चारधाम यात्रा मार्गों और धार्मिक स्थलों के आसपास मांस और शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंंधित है। हालांकि इसके बावजूद भी मांस और शराब बिक्री के मामले लगातार सामने आ रहे है।
जानकारी के मुताबिक, चमोली पुलिस ने बदरीनाथ धाम की पवित्रता एवं धार्मिक मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत चार संदिग्धों को प्रतिबंधित मांसाहारी सामग्री एवं शराब के साथ पकड़ा है। बुधवार को धाम क्षेत्र में सुरक्षा एवं चेकिंग व्यवस्था के तहत पुलिस द्वारा वाहनों की सघन जांच की जा रही थी।
चेकिंग अभियान के दौरान ज्योतिर्मठ से बदरीनाथ की ओर आ रही एक टैक्सी को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से अलग-अलग पैकेटों में रखा गया लगभग 12 किलो से अधिक मांस (मुर्गा), मछली और शराब की बोतलें बदरीनाथ पुलिस द्वारा बरामद की गई। पूछताछ में वाहन में सवार चारों व्यक्तियों ने स्वयं को नेपाल निवासी मजदूर बताया।
पुलिस द्वारा उन्हें धाम क्षेत्र में लागू प्रतिबंधों की जानकारी दी गई तथा घनश्याम दमाई, मनबहादुर, संदीप, दत्तकामी के खिलाफ पुलिस एक्ट के अंतर्गत चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने बरामद मांस, मछली एवं शराब को नियमानुसार नष्ट कराते हुए स्पष्ट किया, कि धाम की गरिमा एवं पवित्रता बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियानों को और अधिक सख्ती से जारी रखा जाएगा।
बदरीनाथ कोतवाली निरीक्षक विनोद थपलियाल ने कहा, धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुरूप मांस एवं मदिरा का प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। ऐसे में किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री को धाम क्षेत्र में लाना धार्मिक भावनाओं को आहत करने के साथ-साथ नियमों का भी उल्लंघन है।
