भारती सिंह और शेखर सुमन को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत (फोटो साभार: X@thetruthin)
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कॉमेडियन भारती सिंह और अभिनेता शेखर सुमन के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया है। यह मामला एक कॉमेडी शो के दौरान कथित तौर पर मजहबी भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दर्ज की गई थी। वर्ष 2010 में रजा अकादमी के प्रतिनिधि ने शिकायत दर्ज कर दावा किया था, कि शो में कुरान की एक आयत पर मजाक उड़ाया था, जो इस्लाम के लिए अपमानजनक था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनी टीवी के शो ‘कॉमेडी सर्कस का जादू’ के एक एपिसोड में भारती सिंह परफॉर्म कर रही थी और शेखर सुमन जज की भूमिका में थे। रजा एकेडमी के अध्यक्ष मोहम्मद इमरान दादानी ने शिकायत दर्ज कराई थी, कि शो के दौरान ‘या अल्लाह! रसगुल्ला! दही भल्ला!’ जैसे तुकबंदी वाले शब्दों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया था।
On 29th April, Bombay High Court quashed an FIR registered against Shekhar Suman and Bharati Singh in 2010 for uttering the words "Ya Allah! Rasgulla! Dahi Bhalla!" in a comedy show on a TV channel.
— ANI (@ANI) April 30, 2026
शिकायतकर्त्ता का आरोप था, कि इन शब्दों से मुस्लिम समाज की भावनाएँ आहत हुई हैं। इसके बाद दोनों कलाकारों के खिलाफ हेट-स्पीच की एफआईआई दर्ज हुई थी। वहीं कॉमेडियन और अभिनेता का पक्ष रखने वाले वकील नितिन प्रधान ने अदालत में दलील दी, कि इन दोनों के खिलाफ पुलिस जांच पूरी तरह से बेबुनियाद थी, क्योंकि वे तो बस एक जज और एक कलाकार के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे थे।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस अमित बोरकर ने अपने फैसले में कहा, कि रसगुल्ला और दही भल्ला सामान्य खाद्य पदार्थ हैं। इन्हें प्रत्येक समुदाय के लोग खाते हैं। इन शब्दों का इस्तेमाल केवल कॉमेडी और तुकबंदी के लिए किया गया था। कोर्ट ने माना, कि यह एक हल्का-फुल्का पारिवारिक शो था। इसमें किसी भी धर्म को निशाना बनाने की कोई दुर्भावनापूर्ण मंशा नहीं दिखी।
कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा, कि किसी कलाकार या कॉमेडी शो के जज के विरुद्ध मात्र इस वजह से मुकदमा नहीं चलाना चाहिए, क्योंकि किसी को उसका मजाक पसंद नहीं आया। किसी भी बात को बिना संदर्भ के नहीं देखना चाहिए। वहीं 14 साल तक चली इस कानूनी प्रक्रिया के समाप्त होने से दोनों कलाकारों ने फिलहाल चैन की सांस ली है।
