गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, (फोटो साभार : X@MaktoobMedia)
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के बाद अब पवन खेड़ा को गुवाहाटी हाईकोर्ट से भी झटका लगा है। गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की धर्मपत्नी पर पवन खेड़ा द्वारा की गई टिप्पणियों को लेकर दर्ज आराधिक मामले में उनकी अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया है।
बता दें, कि पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को दिल्ली और गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था, कि मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुयान सरमा के पास कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं। कांग्रेसी नेता ने सार्वजनिक मंच से दावा, कि उनके पास UAE, मिस्र और एंटीगुआ-बारबुडा के तीन पासपोर्ट और दुबई में दो प्रॉपर्टी और शेल कंपनियों में संपत्तियां हैं।
इन आरोपों का संज्ञान लेते हुए असम सीएम की पत्नी ने पवन खेड़ा के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया था। इस मामले में बीते मंगलवार को हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और केएन चौधरी ने पवन खेड़ा का पक्ष रखा। वहीं, असम सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया पेश हुए।
Gauhati High Court rejects an anticipatory bail petition filed by Congress leader Pawan Khera, in connection with an FIR lodged by Riniki Bhuyan Sharma, wife of Assam Chief Minister Dr Himanta Biswa Sarma.
— ANI (@ANI) April 24, 2026
कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी, कि यह ज्यादा से ज्यादा मानहानि का मामला है और उनके मुवक्किल के फरार होने की कोई आशंका नहीं है, इसलिए गिरफ्तारी से राहत दी जानी चाहिए। वहीं, असम सरकार की तरफ से महाधिवक्ता देवजीत सैकिया ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा, कि मामला गंभीर है और इसमें जालसाजी जैसे आरोप शामिल है।
गुवाहाटी उच्च न्यायालय में करीब तीन घंटे चली बहस के बाद जस्टिस पार्थिव ज्योति सैकिया की एकल पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसी क्रम में बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कांग्रेसी नेता को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया है। आशंका जताई जा रही है, इस फैसले के बाद पवन खेड़ा की मुश्किलें बढ़ सकती है।
