PM मोदी ने किया 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित, (फोटो साभार: एक्स)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (13 अप्रैल 2026) को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रतिभाग किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2023 में सभी दलों ने सर्वसम्मति से पारित किया था। उन्होंने कहा, कि विपक्ष ने खासतौर से इस बात पर जोर दिया था, कि यह कानून 2029 से पहले लागू कर दिया जाए।
‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, कि देश की विकास यात्रा के इन अहम पड़ावों के बीच भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक निर्णय लेने जा रहा है। मैं बहुत जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं, कि 21वीं सदी के महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक महत्वपूर्ण निर्णय ये है। ये निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है। नारी शक्ति वंदन को समर्पित है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “नारी शक्ति वंदन अधिनियम समय से लागू हो सके, महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूती दे, इसके लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है और उससे पहले आज नारीशक्ति वंदन का ये कार्यक्रम, इसके जरिए हमें देश की कोटि-कोटि माताओं बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है।”
#WATCH | Delhi: At the 'Nari Shakti Vandan Sammelan', Prime Minister Narendra Modi says, "I also congratulate all the women of India on the arrival of a new era. For decades, everyone has felt the need for reservations for women in the democratic structure. There were discussions… pic.twitter.com/LE88CLLvVD
— ANI (@ANI) April 13, 2026
पीएम मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में उपस्थित मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा, कि आप सभी देश के कोने-कोने से आई हैं। आपकी इस उपस्थिति के लिए इस महत्वपूर्ण काम के लिए आपने जो समय निकाला है, उसके लिए मैं आप सबका हृदय से अभिनंदन करता हूं। साथ ही भारत की सभी महिलाओं को एक नए युग के आगमन की बधाई भी देता हूं।
पीएम मोदी ने कहा, “यहाँ उपदेश देने या किसी को जगाने नहीं आया हूँ। मैं यहाँ केवल इस देश की महिलाओं का आशीर्वाद प्राप्त करने आया हूँ।” प्रधानमंत्री ने कहा, कि हमारे देश में राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री जैसे अहम पद महिलाएँ ही संभाल रही हैं। उन्होंने देश की गरिमा और गौरव, दोनों को बढ़ाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमारे देश में महिला नेतृत्व का एक बेहतरीन उदाहरण पंचायती राज संस्थाएँ भी हैं। आज भारत में 14 लाख से अधिक महिलाएँ लोकल गवर्नमेंट बॉडीज में सफलतापूर्वक काम कर रही हैं। लगभग 21 राज्यों में तो पंचायतों में उनकी भागीदारी करीब-करीब 50 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है।”
वहीं महिलाओं के लिए मैटरनिटी लीव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “महिलाओं के करियर पर भी प्रभाव न पड़े, इसके लिए हमने मैटरनिटी लीव को भी बढाकर 26 हफ्ते कर दिया है। दुनिया के कई समृद्ध देशों में भी ये सुविधा उपलब्ध नहीं है। जब मैं उनको इसके बारे में बताता हूँ, तो उनकी आँखें फटी की फटी रह जाती हैं।”
गौरतलब है, कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन देश के विकास पथ को दिशा देने में महिलाओं की अधिक भागीदारी की प्रतिबद्धता मजबूत करेगा। यह पंचायत से लेकर संसद तक सभी स्तर तक शासन और नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को उजागर करेगा।
इस सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली महिलाएं इस आयोजन में शामिल हुई। साथ ही सरकार, शिक्षा जगत, विज्ञान, खेलकूद, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति क्षेत्र से संबंधित महिलाएं भी कार्यक्रम में उपस्थित रही। यह सम्मेलन वर्ष 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में महिलाओं की भूमिका स्पष्ट करेगा।
बता दें, कि सितंबर 2023 में संसद ने विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। यह अधिनियम लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान करता है। वहीं इस महीने की 16 तारीख से शुरू हो रहे संसद सत्र में देशभर में महिला आरक्षण लागू करने पर मुख्य रूप से विचार होगा।
