सीएम धामी ने उत्तरकाशी में विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शीतकालीन चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को वर्षभर रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत बुधवार (14 जनवरी 2026) को तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का शुभारंभ किया।
उत्तरकाशी में विंटर टूरिज्म कान्क्लेव को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा, कि शीतकालीन पर्यटन सम्मेलन केवल एक औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन को नई दिशा देने का एक साझा प्रयास है।
उत्तराखंड का प्रत्येक क्षेत्र अपने आप में एक विशिष्ट पर्यटन गंतव्य है। राज्य अब केवल छह माह का नहीं, बल्कि बारहों माह पर्यटन वाला प्रदेश बन चुका है। पर्यटन के इस अभूतपूर्व विस्तार से रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं, राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और स्थानीय उत्पादों को… pic.twitter.com/ukB70OEAjC
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) January 14, 2026
मुख्यमंत्री धामी ने टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, होटल व्यवसायियों, होम-स्टे संचालकों, टैक्सी एवं ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रतिनिधियों, एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े लोगों का स्वागत और उत्साहवर्धन करते हुए कहा, कि आज देश के बड़े शहर प्रदूषण, बढ़ते तापमान, ट्रैफिक और तनाव से जूझ रहे हैं, ऐसे में उत्तराखंड देश का एक “नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन” बन सकता है और सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा, कि उत्तराखंड अब केवल चारधाम यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वेलनेस, नेचर, एडवेंचर, कल्चर, योग, मेडिटेशन और सस्टेनेबल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने टूर ऑपरेटर्स की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, कि ट्रेंड बनाना और किसी डेस्टिनेशन को ब्रांड बनाना आप सभी के हाथ में है।
सीएम धामी ने कहा, “अब समय आ गया है कि उत्तराखंड को केवल चार या छह महीने का नहीं, बल्कि 12 महीने का टूरिज्म स्टेट बनाया जाए। सरकार की शीतकालीन पर्यटन नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहाड़ खाली न रहें, होटल बंद न हों, टैक्सियां खड़ी न रहें, होमस्टे सूने न रहें और युवाओं को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े। जब 12 महीने पर्यटन सक्रिय रहेगा तो प्रदेश की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा।”
मुख्यमंत्री ने टूरिज्म से जुड़े सभी हितधारकों से संवाद करते हुए कहा, कि चाहे परमिशन हो, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर या मार्केटिंग सपोर्ट सरकार हर स्तर पर सहयोग के लिए तैयार है। इसके साथ ही पर्यटन विभाग के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम, डिजिटल अप्रूवल और निवेशकों के लिए फास्ट-ट्रैक सपोर्ट को और मजबूत किया जा रहा है।
सीएम धामी ने कहा, कि पर्यटन का अर्थ केवल बड़े होटल नहीं, बल्कि जब गांव की महिला का होम स्टे भरे, स्थानीय युवा टैक्सी चलाएं, पहाड़ी युवक ट्रेकिंग गाइड बनें,लोक कलाकारों को मंच मिले और किसान के उत्पाद सीधे पर्यटक तक पहुंचें, तभी पर्यटन सार्थक होगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने होम स्टे नीति को सरल बनाया है, लखपति दीदी योजना से महिलाओं को जोड़ा है, लोकल गाइड ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए हैं और “वोकल फॉर लोकल” को पर्यटन से जोड़ा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं और निवेशकों को संदेश देते हुए कहा, कि उत्तराखण्ड निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है, क्योंकि यहां पर्यटन केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि रोजगार का सबसे बड़ा इंजन है। होटल मालिक, होम स्टे संचालक, टैक्सी चालक और ट्रैवल एजेंट—सभी को काम मिले और हर गांव को पहचान मिले, यही सरकार का लक्ष्य है।
बता दें, कि विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 टूर ऑपरेटर्स ने प्रतिभाग किया। साथ ही राज्य स्तर से 50 तथा स्थानीय स्तर से भी 50 टूर ऑपरेटर्स ने कॉनक्लेव में भाग लिया। कार्यक्रम में होटल एसोसिएशन उत्तरकाशी एवं बड़कोट, ट्रेकिंग संगठन उत्तरकाशी और सांकरी के पंजीकृत प्रतिनिधियों की भी सक्रिय सहभागिता रही।
निम में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से शीतकालीन पर्यटन की संभावनाओं पर मंथन किया गया और उत्तराखण्ड को वर्ष भर पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। कॉन्क्लेव के तहत मां गंगा का शीतकालीन प्रवास मुखबा एवं मां यमुना का खरसाली तथा सांकरी में केदारकांठा ट्रैक बेस केम्प का देश भर के टूर ऑपरेटर भ्रमण करेंगे तथा शीतकालीन टूरिज्म को बढ़ावा देंगे।
